पटना। बिहार में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को 400 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनकी शुरुआत पिछले महीने हो चुकी है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के अनुसार, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के पहले चरण में 200 इलेक्ट्रिक बस राज्य को मिलने जा रही है, जो दो-तीन खेपों में आएंगी। इनका परिचालन पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा समेत छह डिवीजनों में किया जाएगा।
ई-बसों के सुचारू संचालन के लिए इन डिवीजनों में तेजी से चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। अगस्त के अंत तक सभी डिवीजनों में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पटना में फुलवारीशरीफ और आईएसबीटी (बैरिया मुख्य बस स्टैंड) के पास चार्जिंग स्टेशन का काम तेजी से चल रहा है। जबकि, पूर्णिया जिले में शत-प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इन चार्जिंग स्टेशनों पर एक ई-बस को चार्ज होने में करीब 1 से डेढ़ घंटे का समय लगेगा। राजधानी में सभी डिपो पर चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना है, जिसमें फुलवारीशरीफ समेत अन्य डिपो शामिल है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 लागू की है। इसके अंतर्गत ‘पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ चलाई जा रही है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया ईवी खरीदने पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, सार्वजनिक, निजी और व्यावसायिक संस्थानों में ईवी चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क विकसित करने के लिए भी अलग से अनुदान का प्रावधान किया गया है। अगले दो वर्षों में राज्य में कम से कम 500 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों, पेट्रोल पंपों, होटल-मोटल, बस टर्मिनलों, व्यावसायिक क्षेत्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों का चयन किया जाएगा।