Bihar Politics News. पटना। बिहार में दो निर्दलीय विधान परिषद सदस्यों (MLC) बंशीधर बृजवासी और राहुल राज के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। दोनों नेताओं के भाजपा की सदस्यता लेने के बाद जन सुराज पार्टी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने संविधान और शिक्षक-स्नातक मतदाताओं के जनादेश का अपमान किया है।
कुमार सौरभ ने कहा कि 27 तारीख को बिहार में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के एमएलसी चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे। इनमें भाजपा को दो, निर्दलीय प्रत्याशियों को दो, राजद को दो, जदयू को एक और जन सुराज को एक सीट मिली थी। लेकिन चुनाव परिणाम आने के 72 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि दो निर्दलीय विजयी प्रत्याशियों को भाजपा में शामिल करा लिया गया।
उन्होंने कहा कि सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी बंशीधर बृजवासी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जन सुराज का आरोप है कि यह मतदाताओं के जनादेश के साथ अन्याय है।
कुमार सौरभ ने संविधान की दसवीं अनुसूची और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए दावा किया कि कोई निर्दलीय निर्वाचित सदस्य चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करता है तो उसकी विधान परिषद की सदस्यता समाप्त हो सकती है।
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की है। भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी इस मामले में सामने आए हैं। ऐसे में इस पूरे प्रकरण की संवैधानिक और कानूनी जांच होनी चाहिए।
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी सवाल उठाए। कुमार सौरभ ने प्रेस वार्ता में तस्वीरें और मीडिया में प्रसारित वीडियो दिखाते हुए कहा कि बंशीधर बृजवासी को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई थी।
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सत्यापित फेसबुक अकाउंट पर किए गए उस पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें दोनों MLC के भाजपा में शामिल होने की जानकारी दी गई थी। कुमार सौरभ के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद पोस्ट में बदलाव किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दोनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता नहीं ली थी, तो प्रदेश अध्यक्ष के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से इस संबंध में पोस्ट क्यों किया गया? उन्होंने इस मामले में बिहार के शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से माफी मांगने की मांग भी की।
प्रेस वार्ता में जन सुराज के लीगल सेल से जुड़े कुमार अमित ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 191 के तहत निर्दलीय निर्वाचित सदस्यों के किसी राजनीतिक दल में शामिल होने को लेकर संवैधानिक प्रावधान लागू होते हैं।
उन्होंने बताया कि जन सुराज इस पूरे मामले को लेकर बिहार विधान परिषद के सभापति के समक्ष याचिका सौंपेगा। पार्टी की मांग होगी कि मामले की जांच कराई जाए और यदि संवैधानिक नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दोनों MLC की सदस्यता रद्द की जाए।
कुमार अमित ने कहा कि यदि विधान परिषद के सभापति के स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो पार्टी इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
फिलहाल दोनों निर्दलीय MLC के भाजपा में शामिल होने को लेकर बिहार की राजनीति में संवैधानिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब इस मामले में विधान परिषद के सभापति के समक्ष जन सुराज की ओर से दाखिल की जाने वाली याचिका और उस पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
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