जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को नाट्य एवं पटकथा लेखन के लिए मिला उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और रंगमंचीय परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रदेश के दो प्रतिभाशाली कलाकारों डॉ. आनन्द पाण्डेय और घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में हर्ष का माहौल है। दोनों कलाकारों ने अपनी कला, साधना और रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच पर गौरवान्वित किया है।
जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय के लिए सम्मान
छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की अलख जगाने वाले डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय के लिए यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया है। उनकी उपलब्धि जशपुर सहित पूरे प्रदेश के रंगकर्मियों और युवा कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है।
डॉ. पाण्डेय ने रंगमंच के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और समर्पण से विशिष्ट पहचान बनाई है। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में कला एवं रंगमंच की संभावनाओं को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों के लिए उनका सम्मान एक महत्वपूर्ण प्रेरणा है। यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा और रचनात्मकता किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती।

घनश्याम साहू ने नाट्य और पटकथा लेखन में हासिल की पहचान
सारंगढ़ के घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि ने प्रदेश के साहित्य, रंगमंच और छत्तीसगढ़ी सिनेमा की रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
नाट्य और पटकथा लेखन किसी भी प्रस्तुति की आधारशिला होते हैं। कहानी, संवाद और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में लेखकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्री साहू को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और सिनेमा से जुड़े रचनाकारों के लिए उत्साहवर्धक है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिली नई पहचान
संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है। छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को यह सम्मान मिलना प्रदेश की समृद्ध नाट्य परंपरा और सांस्कृतिक प्रतिभा का परिचायक है।
लोककला, लोकनाट्य, संगीत, नृत्य और सिनेमा की विविध परंपराओं से समृद्ध छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान देशभर में विशिष्ट है। प्रदेश के वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर कलाकारों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि निरंतर मेहनत, साधना और सृजनशीलता के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. आनन्द पाण्डेय और श्री घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती कला, संस्कृति और सृजनशीलता की समृद्ध विरासत से परिपूर्ण है। प्रदेश के सुदूर वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर कलाकारों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
मंत्री ने कहा कि दोनों कलाकारों की उपलब्धि युवा पीढ़ी, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और सिनेमा से जुड़े रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
