रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट–रायपुर और रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ताड़ोकी–रावघाट और अभनपुर–कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। साथ ही रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई।
आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची रेल
ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ रावघाट पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। इस उपलब्धि को बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई रेल सेवाओं से इन इलाकों का राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख केंद्रों से संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर परिवहन सुविधा से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डबल इंजन सरकार में रेल अधोसंरचना का विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि आधुनिक रेल सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि बस्तर और सरगुजा सहित दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों तक भी पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रावघाट तक पहली बार रेल पहुंचना केवल एक रेल परियोजना का पूरा होना नहीं है, बल्कि यह बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाला कदम है। उनके अनुसार, रेल कनेक्टिविटी से लोगों की आवाजाही आसान होती है, बाजारों तक पहुंच बढ़ती है और उद्योगों तथा निवेश को प्रोत्साहन मिलता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
रायपुर में बनेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी
इस कार्यक्रम के दौरान रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई। यह पहल प्रदेश में रेल सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे संबंधित तकनीकी और परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी के पावन अवसर पर मिली यह सौगात पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। रावघाट–रायपुर और रायपुर–कुरूद रेल सेवाएं प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ विकास की नई संभावनाएं खोलेंगी।
कुल मिलाकर, नई रेल सेवाओं और रेलखंडों के लोकार्पण से छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार को नई दिशा मिली है। विशेष रूप से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए यह पहल आवागमन को आसान बनाने और विकास के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

