Bihar News. पटना। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से बिहार में मौसम का मिजाज बदलने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर 2026 के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, बारिश और तेज हवाओं की तीव्रता अलग-अलग जिलों में अलग हो सकती है.
बिहार में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम की इन परिस्थितियों के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
निचले इलाकों में जलभराव की आशंका
लगातार बारिश होने पर बिहार के निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.
तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों तथा कमजोर छतों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
किसानों की बढ़ सकती है परेशानी, धान की फसल को नुकसान का खतरा
खराब मौसम का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। इसके अलावा केले, पपीते, आम और सहजन जैसे पेड़ भी प्रभावित हो सकते हैं।
किसानों को सलाह दी गई है कि यदि खरीफ की फसल, विशेषकर धान, पककर तैयार हो चुकी है और मौसम अनुकूल है, तो उसकी कटाई कर उपज को सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखें।
यदि खेतों में फसल की कटाई बाकी है, तो खराब मौसम के दौरान कटाई का काम रोक देना चाहिए। खेतों में अतिरिक्त सिंचाई से बचें और बारिश के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था बनाए रखें।
वज्रपात से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बिजली चमकने और गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- खुले मैदानों और खेतों में जाने से बचें।
- ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
- तालाब, नदी और अन्य जल निकायों से दूर रहें।
- बिजली चमकने पर किसी मजबूत, पक्के भवन के अंदर शरण लें।
- तेज हवा के दौरान कमजोर छतों और असुरक्षित संरचनाओं से दूर रहें।
- किसान मौसम अनुकूल होने पर ही कटाई करें और फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
31 अक्टूबर तक मौसम पर नजर रखने की जरूरत
बिहार में 28 से 31 अक्टूबर के बीच संभावित मौसमी गतिविधियों को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए, जबकि आम लोगों को भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है।
