छत्तीसगढ़,बिलासपुर/दिल्ली : गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (जीजीवी) और नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (-नमो केंद्र) के संयुक्त तत्वाधान में और आईसीएसएसआर के सहयोग से 5-6 अगस्त, 2025 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण प्रयासों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ।
उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण संगोष्ठी स्मारिका और एक पुस्तक का विमोचन था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की पहलों से संबंधित शोध और चर्चाएँ प्रदर्शित की गईं।
जीजीवी के कार्यवाहक कुलपति प्रो. ए. के. सक्सेना ने कहा कि यह संगोष्ठी इन उपलब्धियों पर चर्चा करने, उनके प्रभाव का मूल्यांकन करने और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को और मज़बूत करने के लिए नवीन रणनीतियों की खोज करने का एक मंच है। महिला सशक्तिकरण नए भारत का एक मिशन है और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान इस मिशन को अनुसंधान, संवाद और कार्रवाई के माध्यम से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर की प्रति कुलपति प्रो. सुमिता दवे ने सशक्तिकरण में शिक्षा की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, “शिक्षा महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास के साथ मिलकर, यह महिलाओं का उत्थान करती है और पूरे राष्ट्र के विकास को गति प्रदान करती है।”
नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल माहेश्वरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “महिला सशक्तिकरण एक प्रगतिशील भारत की आत्मा है और प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में, परिवर्तनकारी नीतियों और सामाजिक सुधारों के माध्यम से यह परिकल्पना साकार हुई है।”
नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केन्द्र) के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो अलोक कुमार चक्रवाल को इस सार्थक और समयोचित संगोष्ठी के आयोजन के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया। अपने स्मारिका के अपने संदेश में उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 11 वर्षों के नेतृत्व में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए किए गए प्रयास स्वतंत्र भारत के इतिहास में अभूतपूर्व रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को सम्मान, अवसर और भागीदारी के ऐसे शिखर तक कभी नहीं पहुँचाया। यह संगोष्ठी इन उपलब्धियों पर विचार करने और भविष्य में कार्य करने के लिए प्रेरित करने का एक उत्कृष्ट मंच है।”
सम्मान और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत पौधे, स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट करके किया गया। प्रो. संबित कुमार पाढ़ी, शिक्षा विभागाध्यक्ष और नोडल अधिकारी नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र (नमो केन्द्र), जीजीवी ने स्वागत भाषण दिया और संगोष्ठी के विषय और उद्देश्यों पर संक्षिप्त जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय कुलगीत ने श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का वातावरण निर्मित किया।
उद्घाटन सत्र का समापन आयोजन सचिव डॉ. ज्योति वर्मा के धन्यवाद ज्ञापन और उसके बाद राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस सत्र में ए.बी.एस.के. राष्ट्र सेवा समिति की प्रतिनिधि श्रीमती सुलभा देशपांडेय, वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिल माहेश्वरी, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर की प्रो-वाइस चांसलर प्रो. सुमिता दवे, जीजीवी के रजिस्ट्रार प्रो. ए.एस. रणदिवे, मुख्य अतिथि प्रो. नीलांबरी दवे सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपने विचारोत्तेजक भाषण दिए।