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रायपुर । स्मार्ट मीटर के कारण बिजली की खपत से ज्यादा रीडिंग आ रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जनता परेशान है, आम परिवारों की जितनी कमाई नहीं है, उससे ज्यादा महीने का बिजली बिल आ रहा है, लोगों का औसत बिल पहले की तुलना में तीन गुना तक बढ़कर आ रहा है, खपत लगभग वही है फिर बिजली बिल के नाम पर वसूली अधिक क्यों? अडानी का स्मार्ट मीटर और सरकार की हठधर्मिता आम जनता पर कहर साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश से स्मार्ट मीटर वापस लिया है। हमारी मांग है कि छत्तीसगढ़ से भी स्मार्ट मीटर वापस लिया जाये। उत्तरप्रदेश सरकार ने माना कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत ज्यादा आ रही है, योगी मंत्रिमंडल ने इसे बदलने का फैसला किया है, छत्तीसगढ़ में भी इसे वापस लिया जाए।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार ने बिजली के दाम चार बार बढ़ा दिया। 400 यूनिट हाफ योजना को बंद कर दिया। स्मार्ट मीटर लगा दिया इन सबसे बिजली के दाम बेतहाशा बढ़ गए, जनता परेशान है। सरकार, जनता को राहत देने के बजाय अब बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी कर दिया। कांग्रेस, सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है। सरकार, कोयले का सेस कम होने के कारण बिजली का दाम कम तो नहीं कर रही, ऊपर से एक नया टैक्स लगा रही।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट तक छूट को आधी करके 200 यूनिट किया, उसमें भी यह शर्त लगा दिया गया कि खपत 400 यूनिट से अधिक होते ही सारी छूट, राहत, रियायत पूरी तरह खत्म। ऊपर से सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाकर अधिक वसूली कर रहे है। अधिक मुनाफाखोरी के लालच में यह सरकार अनाप-शनाप बिजली बिल वसूलने के लिए नए नए पैंतरे अपना रही है। स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन कर रही है।