भोपाल : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार (13 अगस्त) को जारी एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी पिछले छह साल से OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण न देने का अपराध कर रही है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी कि पिछले छह साल से सरकार क्या कर रही है? अपने आप में बताती है कि उच्चतम न्यायालय भी OBC आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार के प्रयासों को नाकाफी मानता है।
श्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर जारी बयान में कहा-
अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार से पूछ लिया है कि OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर क्या सरकार छह साल से सो रही थी? सरकार ने छह साल में क्या किया?
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा की सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी ख़ुद ही बताती है कि 2019 में मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, उसे लागू करने के लिए भाजपा सरकार ने कुछ नहीं किया। बल्कि सच्चाई यह है कि भाजपा के षड्यंत्र के कारण पिछले छह साल से OBC के 13 प्रतिशत पद होल्ड पर हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 लाख उम्मीदवार इससे प्रभावित हैं और क़रीब 3 लाख चयनित उम्मीदवारों के रिज़ल्ट लटके हुए हैं।
श्री कमलनाथ बोले कि इस सब का कारण यह है कि भारतीय जनता पार्टी संविधान विरोधी है और आरक्षण को समाप्त करना चाहती है।भाजपा ने पिछले छह साल में आरक्षण को रोकने की कोशिश की है, उसे लागू करने की दिशा में एक क़दम भी नहीं बढ़ाया।
अब इस मामले में 23 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई होनी है। OBC वर्ग के सभी नागरिकों को पूरी तरह सचेत रहना चाहिए और सरकार पर दबाव बनाना चाहिए कि वह सुप्रीम कोर्ट में OBC आरक्षण के समर्थन में तथ्यात्मक ढंग से पक्ष रखे, ताकि 2019 में कांग्रेस की सरकार ने जो 27% OBC आरक्षण दिया था, वह प्रदेश में लागू हो सके।
