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Chhattisgarh news, रायपुर: नंदनवन स्थित पक्षी विहार में लगातार बढ़ रही अव्यवस्था और पक्षियों की मौत की खबरों के बाद,पूर्व विधायक विकास उपाध्याय आज मौके पर पहुँचे और पूरी स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि 38 पक्षियों को बिना किसी वैज्ञानिक प्रोटोकॉल और बिना विभागीय अनुमति के रातों-रात जंगल सफारी में शिफ्ट कर दिया गया, जो वन्यजीव संरक्षण नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद विकास उपाध्याय सीधे जंगल सफारी पहुँचे,जहाँ उन्होंने उन सभी पक्षियों की स्थिति का निरीक्षण किया जिन्हें अवैध रूप से नंदनवन से हटाकर पहुँचाया गया।उन्होंने अधिकारियों से भी इस गैरकानूनी शिफ्टिंग के कारण और प्रक्रिया पर जवाब मांगा।

पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार पर कड़े आरोप लगाते हुए कहा की नंदनवन छत्तीसगढ़ की पहचान है, इसे पक्षी विहार बनाकर इसकी मूल पहचान से खिलवाड़ किया गया।यहाँ के जानवरों को अंबानी के वान्तारा जू भेज दिया गया।बाकी जानवरों को जंगल सफारी शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन अब जो पक्षी विहार बचा है,उसे भी भाजपा सरकार बर्बाद करने में लगी है।
उन्होंने कहा कि नंदनवन में चूहों के हमले पक्षियों की मौत और अब बिना प्रोटोकॉल शिफ्टिंग ये सब भाजपा सरकार की घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का परिणाम है।

विकास उपाध्याय ने मांग की है कि नंदनवन में हो रहे अव्यवस्था और जानवरों के अवैध स्थानांतरण की हाई लेवल जांच हो,बिना प्रोटोकॉल 38 पक्षियों को शिफ्ट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए,नंदनवन की मूल पहचान को फिर से मजबूत किया जाए,सरकार संरक्षण स्थलों को निजी हितों के लिए खत्म करना बंद करे।