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रायपुर: असम के नगांव में लोकसभा उपचुनाव के प्रचार में लगे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के काफिले पर असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया है। भरे बाजार में चलती गाड़ियों पर अचानक पत्थरों की बारिश शुरू हो गई। बात सिर्फ पथराव तक नहीं रुकी, बल्कि नेताओं की गाड़ी पर एसिड तक फेंका गया। इस खौफनाक घटना ने पूरे देश की सियासत में बड़ा भूचाल ला दिया है।

शीशा बंद था, वरना जा सकती थी जान 

इस हमले के दौरान गाड़ियों के अंदर मौजूद कांग्रेस नेताओं की जान जाते-जाते बची। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने भूपेश बघेल और गौरव गोगोई की गाड़ी को निशाना बनाते हुए उस पर घातक एसिड फेंका। गनीमत यह रही कि उस वक्त गाड़ी के शीशे पूरी तरह बंद थे। अगर शीशे जरा भी खुले होते, तो कोई बहुत बड़ी अनहोनी हो सकती थी। हालांकि, इस जानलेवा हमले में एआईसीसी के सचिव मनोज चौहान और कुछ अन्य स्थानीय नेताओं को चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा भी इस काफिले का हिस्सा थीं।

‘बीजेपी के झंडे लगी बाइकों ने किया पीछा’ 

इस पूरी खौफनाक घटना की जानकारी खुद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए देश के सामने रखी। बघेल ने अपने पोस्ट में साफ तौर पर लिखा कि नगांव में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे उनके काफिले पर कुछ असामाजिक तत्वों ने प्राणघातक हमला किया। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आरोप यह है कि हमलावर मोटरसाइकिलों से काफिले का पीछा कर रहे थे और इनमें से कुछ बाइकों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के झंडे भी लगे हुए थे। इस खुलासे के बाद से कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।

यह सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि हमारी जान लेने की साजिश थी। हमलावरों ने हमारी गाड़ियों का पीछा किया और पथराव किया। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।- भूपेश बघेल, सोशल मीडिया पोस्ट

चुनाव आयोग और असम पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल 

हमले के तुरंत बाद, कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने पुलिस का रुख किया। स्थानीय थाने में इस पूरी घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। इसके साथ ही भूपेश बघेल और अन्य नेताओं ने नगांव के कलेक्टर और एसपी (SP) से भी तत्काल मुलाकात कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। बघेल ने खुले तौर पर भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हो सकती है?

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि यह हमला असम की भाजपा सरकार के अंदर भूपेश बघेल के प्रति खौफ को साफ-साफ दिखाता है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि पथराव और एसिड अटैक के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की तुरंत पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।