भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज (10 सितंबर) रीवा में चल रहे न्याय सत्याग्रह में शामिल हुए। यह सत्याग्रह आदिवासी समाज के 30 मासूम बच्चों की मौत के मामले में न्याय, जवाबदेही और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में जारी है।
जीतू पटवारी ने कहा कि न्याय की लड़ाई को दबाया नहीं जा सकता। रीवा से उठ रही यह आवाज अब पूरे प्रदेश की आवाज बन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों की पीड़ा सुननी होगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी।
पटवारी ने कहा कि रीवा की कल्पना मिश्रा ने ICU से बाहर आकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी और बाद में उनकी हत्या हो गई। उनके पिता श्री राम शिरोमणि आज न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। सरकार बताए कि उन्हें न्याय कब मिलेगा?
उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के गंभीर मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 30 मासूम आदिवासी बच्चों की मौत और जहरीले कफ सिरप के कारण 26 मासूम बच्चों की जान गई। इंदौर के MY अस्पताल में नवजात बच्चों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटना ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर किया है।
पटवारी ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों से मंत्री पद पर रहने के बावजूद यदि इतनी गंभीर घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तो सरकार को जवाब देना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सागर जिले की जहरीली शराब त्रासदी ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। 200 से अधिक बच्चों के सिर से पिता का साया उठने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के शराब ठेकों और डिस्टिलरी कारोबार में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी के आरोप लगातार उठ रहे हैं। सरकार को इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
श्री पटवारी ने कहा कि 25 वर्षों के भाजपा शासन के बावजूद रीवा और विंध्य क्षेत्र का युवा रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर है। रोजगार के अवसर नहीं हैं, सरकारी नौकरियों की स्थिति चिंताजनक है और युवा मजदूरी करने तथा अपने घर-परिवार से दूर जाने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इतने वर्षों के शासन के बाद भी युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य क्यों नहीं मिल पा रहा है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था को योग्य युवाओं को रोजगार देने के बजाय सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं को काम देने और भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसी व्यवस्था का असर संजय गांधी अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी दिखाई दे रहा है।
जीतू पटवारी ने कहा कि अब रीवा की जनता को तय करना है कि वह अन्याय और अकर्मण्यता के साथ खड़ी होगी या बदलाव के साथ।
उन्होंने कहा, “जिस तरह दतिया की जनता ने बदलाव का रास्ता चुना, उसी तरह रीवा की जनता भी भाजपा सरकार की अकर्मण्यता को नकारेगी। न्याय और अधिकार की इस लड़ाई में कांग्रेस पूरी ताकत के साथ जनता के साथ खड़ी है।”
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर न्याय और अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया तथा कहा कि श्री विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में शांतिपूर्ण न्याय सत्याग्रह जारी रहेगा।
पटवारी ने पत्रकारों से भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और जनता के सवालों को प्रमुखता से सामने रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में श्री राहुल गांधी जी के पक्ष में सकारात्मक जनभावनाएं बन रही हैं और आने वाला समय बदलाव का है।
