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रायपुर। शिक्षा विभाग द्वारा 155 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त किए जाने तथा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निम्न गुणवत्ता की साइकिल वितरित किए जाने के विरोध में आज शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ता जैसे ही डीईओ कार्यालय पहुंचने लगे, पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर उन्हें कार्यालय के बाहर ही रोक दिया। इससे नाराज कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा वितरित की जा रही कथित घटिया गुणवत्ता की साइकिल को प्रदर्शन स्थल पर रखकर उसके माध्यम से सरकार की शिक्षा एवं छात्र हित विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ किए गए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों ने शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया था। इन विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था इतनी बेहतर थी कि अनेक अभिभावकों ने निजी विद्यालयों से अपने बच्चों का नाम कटवाकर स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में प्रवेश दिलाया। इन विद्यालयों के छात्र मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने लगे थे, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ था।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की गई। कुछ माह पूर्व कांग्रेस ने इन विद्यालयों की अव्यवस्थित शिक्षा व्यवस्था, बिजली बिल, साफ सफाई सहित अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर आंदोलन किया था, जिसके बाद सरकार को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए मजबूर होना पड़ा। शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 155 शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसमें 34 हजार से अधिक युवाओं ने आवेदन किया। आवेदन की प्रक्रिया के बाद स्क्रूटिनी और चयन प्रक्रिया भी शुरू मेरिट आधार पर हुई थी लेकिन भर्ती की प्रक्रिया को जानबूझकर कार्व रोक दिया गया और ३४ हज़ार अभ्यर्थियों के साथ धोखा कर भर्ती प्रक्रिया समाप्त कर दी गई । शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अचानक इस भर्ती पर रोक लगा दी, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया और आज पालक और छात्र ठगा हुआ महसूस कर रहे है ।

श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 4,050 रु की राशि दी जाती थी, जिससे छात्र छात्राएं अपनी पसंद एवं आवश्यकता के अनुसार बेहतर गुणवत्ता की साइकिल खरीद सकते थे। भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर केंद्रीकृत खरीद की नीति अपनाई, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को बेहद निम्न गुणवत्ता की साइकिलें वितरित की जा रही हैं। इन साइकिलों के पैडल, स्टैंड, टायर, ट्यूब सहित पूरी बॉडी की गुणवत्ता बेहद खराब है। कांग्रेस का आरोप है कि इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है।

कांग्रेस ने मांग की कि 155 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तत्काल पुनः प्रारंभ की जाए, स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण साइकिल उपलब्ध कराई जाए। यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो कांग्रेस जनता और विद्यार्थियों के हित में आंदोलन को और व्यापक करेगी।