Spread the love

रायपुर। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आज विजय मार्च का आयोजन किया गया। विजय मार्च घड़ी चौक स्थित टाउन हॉल से प्रारंभ होकर अम्बेडकर चौक तक निकाला गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री दीपक बैज छत्तीसगढ़ सह प्रभारी विजय जांगिड़ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

विजय मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र शामिल हुए। पूरे मार्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए इस जीत को देश के लाखों छात्रों के संघर्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाई गई आवाज़ की जीत बताया।

छत्तीसगढ़ जगदलपुर निवासी हरिका राव नायडू ने नीट परिणाम के बाद आत्महत्या कर ली थी,विजय मार्च के दौरान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने हरिका राव की छायाचित्र को हाथ में लेकर मार्च करते हुए नजर आए, इसके पश्चात अंबेडकर चौक पहुंचकर नीट मामले मे अपनी जान गवाने छात्रों को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी।

प्रदर्शन मे पहुँचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह जीत देश के लाखों छात्र छात्राओं की जीत है, जिन्होंने न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट प्रकरण को लेकर कई महीनों तक सड़क से लेकर संसद तक लगातार आवाज़ बुलंद की और छात्रों के अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के निरंतर संघर्ष और देशभर के विद्यार्थियों के दबाव के कारण आखिरकार केंद्र सरकार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना पड़ा।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष केवल एक इस्तीफे पर समाप्त होने वाला नहीं है। उन्होंने मांग की कि 20 जुलाई को जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पूरे घटनाक्रम के लिए देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के लंबे संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत है, लेकिन केवल इस्तीफा देने से देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियां दूर नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार देश की शिक्षा नीति में व्यापक और पारदर्शी बदलाव करे, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर मंतर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र छात्राओं पर जिस प्रकार लाठीचार्ज किया गया, वह लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है। इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी एनटीए लगातार विवादों और गंभीर लापरवाहियों के कारण अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए एनटीए को तत्काल बैन किया जाना चाहिए तथा परीक्षा प्रणाली के संचालन के लिए एक नई, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।