आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान किया , कहा कि हिंदू समाज को सुरक्षा के लिए एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने समाज में अनुशासन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रति कर्तव्य और लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘समाज सिर्फ मेरे और मेरे परिवार से नहीं बनता, बल्कि हमें समाज के प्रति सर्वांगीण चिंता के जरिए अपने जीवन में ईश्वर को प्राप्त करना है।’
मोहन भागवत ने मतभेद भुलाकर एकता पर जोर दिया। मोहन भागवत ने कहा कि समाज में अनुशासन, कर्तव्य और लक्ष्य का महत्व है। उन्होंने संघ की तुलना किसी और संगठन से करने से भी इनकार कर दिया। संघ प्रमुख ने कहा कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है और यहां सभी संप्रदायों को सम्मान मिलता है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार (5 अक्टूबर) को पांच दिवसीय दौरे पर राजस्थान के बारां पहुंचे। यहां कृषि उपज मंडी में उन्होंने हिंदू समाज को एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाषा, जाति और प्रांत के भेदभाव को मिटाना होगा।