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पटना। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने मंगलवार को राज्य के किसानों से पराली न जलाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता कम होती है, पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है तथा स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसान पराली न जलाकर उसका वैज्ञानिक प्रबंधन करें और पर्यावरण संरक्षण के साथ अपनी आय बढ़ाएं।

उन्होंने कहा है कि फसल अवशेष का वैज्ञानिक प्रबंधन किसानों के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। बिहार सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान उपलब्ध करा रही है, ताकि किसान पराली जलाने के बजाय उसका बेहतर उपयोग कर सकें।

कृषि मंत्री ने कहा है कि फसल अवशेष के सही प्रबंधन के लिए किसानों को स्ट्रॉ रीपर और स्ट्रॉ बेलर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन यंत्रों की खरीद पर सरकार द्वारा अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों की लागत कम होगी और आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि स्ट्रॉ रीपर मशीन का उपयोग कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई के बाद खेत में बचे खड़े फसल अवशेष को काटकर भूसा बनाने में किया जाता है। यह मशीन भूसा को पीछे चल रहे ट्रॉली में जमा करती है तथा बचे हुए बालियों से अन्न निकालकर अलग जमा करती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलता है।

वहीं, स्ट्रॉ बेलर मशीन कम्बाईन हार्वेस्टर से कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेष को इकट्ठा कर गट्ठर (बेल) बनाने का कार्य करती है। इससे कम जगह में भंडारण संभव होता है और इसका उपयोग मवेशियों के चारा एवं औद्योगिक इकाइयों में किया जा सकता है। इससे फसल अवशेष प्रबंधन अधिक कुशल एवं लाभकारी बनता है। सरकार इन यंत्रों की खरीदारी पर किसानों को निम्नानुसार अनुदान भी दे रही है।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसान ऑनलाइन आवेदन कर अनुदानित दर पर इन कृषि यंत्रों की खरीद कर सकते हैं। साथ ही, स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत भी फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित इन यंत्रों को शामिल किया गया है, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों को भी इसका लाभ मिल सके।