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Saraswati Cycle Scheme, रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगे हैं। शासन की दूरदर्शी नीतियों, जनजागरूकता अभियानों और सतत मॉनिटरिंग के कारण जिले में बालिका शिक्षा का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।

पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की पढ़ाई अक्सर प्राथमिक कक्षाओं तक ही सीमित रह जाती थी, लेकिन अब बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर रही हैं।

सरस्वती साइकिल योजना से शाला त्यागी छात्राओं में आई कमी

ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय की दूरी बालिकाओं की शिक्षा में बड़ी चुनौती रही है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए संचालित सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत हाई स्कूल में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इस योजना से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ी है और स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आई है।

शासकीय हाई स्कूल कोठली की छात्रा कुमारी पूनम गुप्ता बताती हैं कि साइकिल मिलने से अब उन्हें पैदल नहीं चलना पड़ता। इससे वे समय पर विद्यालय पहुंच पाती हैं और पढ़ाई के लिए अधिक समय भी दे पाती हैं।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से बढ़ी जागरूकता बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है। अभिभावक अब बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने लगे हैं।

लिंग भेद समाप्त कर सुविधाओं में वृद्धि

ग्राम स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों, रैलियों और विशेष शिविरों के माध्यम से बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और शाला त्यागी जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण पाया जा रहा है। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बालिकाओं को छात्रवृत्ति, शिष्यवृति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मध्यान्ह भोजन एवं पोषण कार्यक्रमों से बालिकाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार देखा जा रहा है।