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बिहार न्यूज़, पटना। इन दिनों तेजी से बदलते अपराध की प्रवृति और रोजाना नए आयामों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कर्मियों को भी इससे जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि उन्हें किसी मामले की तफ्तीश करने से लेकर केस डायरी लिखने में सहूलियत हो और देश में लागू नए कानून बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के मानकों के अनुसार हो। इससे दोषियों को सजा दिलाने में काफी सहूलियत होगी। पुलिस कर्मियों को समुचित प्रशिक्षण देने को लेकर सीआईडी के स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है। प्रशिक्षण के पूरे खांके पर एडीजी (सीआईडी) पारसनाथ ने जानकारी दी। वे पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

इस मौके पर एडीजी ने कहा कि 12 दिन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम खासतौर से तैयार किया गया है। पुलिस कर्मियों को अलग-अलग बैच में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अब तक छह बैच में अलग-अलग रैंक के 2018 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रत्येक बैच में औसतन 300 से 350 कर्मी होते हैं। इस कार्य को सही तरीके से संपन्न कराने के लिए सीआईडी इकाई में एटीएस (एडवांस ट्रेनिंग स्कूल) का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से ही पुलिस कर्मियों को मौजूदा समय में प्रासंगित विभिन्न विषयों को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिन खास विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उसमें सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क), ई-साक्ष्य, प्रदर्श संरक्षण एवं सही तरीके से एकत्र करना, कंप्यूटर साक्षरता, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करने के सही तरीकों, फॉरेंसिक प्रक्रिया समेत ऐसे अन्य विषय शामिल हैं। नए कानून लागू होने के बाद डीजिटल साक्ष्यों की महत्ता बढ़ गई है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को नए विषयों पर आधारित समुचित प्रशिक्षण खासतौर से दिया जा रहा है।

एडीजी ने कहा कि नागपुर में ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट का आयोजन हो रहा है। इसमें आयोजित पुलिस से जुड़ी कई प्रमुख इवेंट्स में सूबे से विभिन्न स्तर के पुलिसकर्मी शामिल होने गए हुए हैं। पुलिस फोटोग्राफी में 3, वीडियोग्राफी में 3, डॉग स्कॉयड के प्रदर्शन में 10 डॉग अपने हैंडलर के साथ, एंटी सर्बोटाज चेकिंग में 9 समेत अन्य में अलग-अलग संख्या में पुलिस वाले शामिल होने के लिए गए हुए हैं। ट्रेनिंग में बेहतर प्रदर्शन कर टॉप-10 में आने वाले कर्मियों को भी इसमें भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में फॉरेंसिक साइंस में डीएनए को लेकर एक विशेष कार्यशाला आयोजित होने की संभावना है। बिहार में पहली बार आयोजित होने वाली इस कार्यशाला में देशभर के कई एक्सपर्ट शामिल होंगे। यहां के पुलिसकर्मियों के लिए यह अपनी तरह का पहला अनुभव होगा।