चौपाल संदेश, नई दिल्ली : अक्टूबर से कई नियमों में बदलाव हो गया। इसमें एसबीआई एटीएम की नई लिमिट, एलपीजी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन, एनपीएस और यूपीआई नियमों में बदलाव अहम हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट नियमों के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर्स की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने की डेडलाइन 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर कर दी गई है, जबकि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर कर दी गई है। एक महत्वपूर्ण है नया यूपीआई एमडीआर फ्रेमवर्क, जो 2000 रुपए से ऊपर के खास मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। अच्छी बात यह है कि ग्राहकों से कोई एमडीआर नहीं कटेगा और व्यक्ति-से-व्यक्ति यूपीआई ट्रांजैक्शन बिल्कुल मुफ्त रहेंगे। हालांकि यह 15 अक्टूबर से लागू होगा। टिकट चेकिंग के बदले नियम : सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक एक खास ‘टिकट चेकिंग अभियान’ चलाने जा रहा है। इस अभियान का सबसे बड़ा नियम है ‘वन टिकट, वन ओरिजिनल आईडी’। रेलवे के अधिकारियों ने साफ कहा है कि अब सफर के दौरान सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है, बल्कि आपके पास अपना ओरिजिनल पहचान पत्र भी होना चाहिए।
1 अक्टूबर से घरेलू एलपीजी ग्राहकों को सब्सिडी के साथ तय रिटेल सेलिंग प्राइस पर रिफिल बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा। जो ग्राहक यह प्रोसेस पूरा नहीं करते, वे भी एलपीजी ले सकते हैं, लेकिन उन्हें बिना सब्सिडी के लागू मार्केट प्राइज पर एलपीजी मिलेगी (यह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नियमों के अधीन होगा)।
एसबीआई ने बदले रूल
भारत का सबसे बड़ा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम पर मुफ्त मासिक ट्रांजैक्शन की संख्या 10 से घटाकर पांच कर देगा। इस लिमिट में फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल, दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल होंगे।
प्रॉपर्टी खरीदने के बदले नियम
1 अक्टूबर से, नॉन-रेजिडेंट सेलर से प्रॉपर्टी खरीदने वाले रेजिडेंट व्यक्तियों और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिलीज को लागू टीडीएस नियमों के पालन के लिए अलग टेन की जरूरत नहीं होगी और पैन से काम चलेगा।
एफडी और एनपीएस
एनपीएस ‘पॉइंट ऑफ प्रेजेंस फीस स्ट्रक्चर में भी बदलाव लागू होंगे, जिसमें प्रति प्रान एक बार का ऑनबोर्डिंग चार्ज 200 रुपए शामिल है। बल्क डिपॉजिट रेट की जानकारी देने के आरबीआई के नियमों के तहत, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को कामकाजी दिनों में सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर लागू दरें प्रकाशित करनी होंगी।
