मध्यप्रदेश न्यूज़ भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार और भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखा हमला बोला है, कहा है कि – ‘राष्ट्र सेवा करने वाली बेटियों का अपमान बर्दाश्त नहीं’ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की वीरांगना कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए आपत्तिजनक और अपमानजनक बयान ने न केवल सेना के गौरव को ठेस पहुंचाई है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों पर भी गहरा प्रहार किया है। इस मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कुंवर विजय शाह की माफी को खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की है।
शीर्ष न्यायालय ने कहा, “कभी-कभी माफी बचने के लिए मांगी जाती है, तो कभी-कभी ये मगरमच्छ के आंसू जैसी होती है। आप लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। आप एक पब्लिक फिगर हैं, बोलते समय विचार करना चाहिए।” यह टिप्पणी न केवल विजय शाह के लिए, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चरित्र और चेहरे पर भी गंभीर सवाल उठाती है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा और उसकी सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “कर्नल सोफिया कुरैशी इस देश की बेटी हैं, भारतीय सेना का गौरव हैं, और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से उन्होंने विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया है। ऐसे में, मध्य प्रदेश सरकार के एक मंत्री द्वारा उनके चरित्र और धर्म पर आधारित अपमानजनक टिप्पणी न केवल उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर हमला है, बल्कि यह भारतीय सेना, देश की एकता, और संवैधानिक मूल्यों का अपमान है।
“सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह की याचिका पर सुनवाई Missouri Court of Appeals, 425 S.W.3d 351, 362 (Mo. Ct. App. 2013). कोर्ट ने न केवल विजय शाह की माफी को अस्वीकार किया, बल्कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस मामले की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) करेगा, जिसमें तीन वरिष्ठ IPS अधिकारी शामिल होंगे, जिनमें से एक महिला होगी, और ये अधिकारी मध्य प्रदेश से बाहर के होंगे।
श्री पटवारी ने कहा यह फैसला स्पष्ट करता है कि सत्ता का अहंकार और तानाशाही रवैया कानून और संविधान के सामने नहीं टिक सकता। श्री उन्होंने ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला देश के लिए एक मिसाल है। यह साबित करता है कि चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, कानून और संविधान सर्वोपरि हैं।
“भाजपा का दोहरा चरित्र और चुप्पी- जीतू पटवारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब बात राष्ट्रवाद और सेना के सम्मान की आती है, तो भाजपा बड़े-बड़े दावे करती है। लेकिन जब उनके ही मंत्री भारतीय सेना की एक वीरांगना का अपमान करते हैं, तो उनकी चुप्पी उनके राष्ट्रवाद के खोखलेपन को उजागर करती है। क्या भाजपा तब तक अपने बदज22 मिनट पहले ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। क्या भाजपा अपने इस बदजुबान नेता को तब तक मंत्रिमंडल में बनाए रखेगी, जब तक सुप्रीम कोर्ट इसका आदेश न दे? यह सवाल आज हर देशवासी के मन में है।
“कांग्रेस का आक्रामक रुख और जनता का समर्थन- पढ़े
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाया है। श्री जीतू पटवारी स्वयं भोपाल के थाने पहुंचे और विजय शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पूरे प्रदेश में इस मुद्दे पर आंदोलन की घोषणा की और कहा, “हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक विजय शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त नहीं किया जाता और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती।” सोशल मीडिया पर भी जनता का गुस्सा साफ दिख रहा है, जहां लोग विजय शाह को मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं…
कुंवर विजय शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
उनके खिलाफ राजद्रोह और सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने के आरोपों में सख्त कार्रवाई हो।
भाजपा इस मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और स्पष्ट करे कि क्या विजय शाह का बयान उनकी पार्टी की सोच को दर्शाता है।
जीतू पटवारी ने आगे कहा,
“हम इस मुद्दे को विधानसभा तक ले जाएंगे। हम जनता के बीच जाएंगे और इस मामले को हर गांव, हर शहर तक पहुंचाएंगे।