भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों के साथ हो रहे अन्याय, समर्थन मूल्य पर खरीदी, फसलों के उचित दाम एवं किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आज मुंबई–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एन.एच.–3) सहित प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर चक्काजाम आंदोलन आयोजित किया गया। आंदोलन प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभावी रूप से संपन्न हुआ, जिसमें लाखों किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह आंदोलन प्रदेश के लगभग 747 किलोमीटर क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश प्रभारी, सहप्रभारी, सांसदगण, विधायकगण, विधानसभा प्रभारी, जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने सहभागिता की।
मुरैना में सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह एवं विधायक हेमंत कटारे उपस्थित रहे।
ग्वालियर में राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, सह प्रभारी संजना जाटव सहित संभाग के विधायकगण आंदोलन में शामिल हुए।
शिवपुरी में पूर्व मंत्री के.पी. सिंह एवं प्रदेश महासचिव यादवेन्द्र सिंह सहित वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहे।
गुना में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने आंदोलन का नेतृत्व किया।
शाजापुर में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं प्रदेश सहप्रभारी संजय दत्त , cwc सदस्य मीनाक्षी नटराजन, विधायक महेश परमार,पूर्व मंत्री सज्जन सिंह उपस्थित रहे।
इंदौर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं प्रदेश सहप्रभारी उषा नायडू आंदोलन में शामिल हुए।
खलघाट में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश सहप्रभारी रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री बाला बच्चन, सचिन यादव एवं संभाग के विधायकगण उपस्थित रहे।
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता के मद में चूर होकर किसानों की आवाज को कुचलना चाहती है, लेकिन अब प्रदेश का किसान जाग चुका है और अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़क पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि अब न तो सरकार किसानों को दबा सकती है और न ही सरकारी तंत्र किसानों की आवाज को रोक सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2023 में किसानों से की गई “मोदी गारंटी” आज तक पूरी नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा कहां गया? सरकार केवल सीमित मात्रा में गेहूं खरीद रही है और किसानों को अपनी उपज खुले बाजार में कम दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन का वादा भी किसानों के साथ छल साबित हुआ है। भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के दावे कर रही है, जबकि प्रदेश का अधिकांश किसान कर्ज में डूबा हुआ है।
जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने तीन वर्षों तक सरकार को वादे पूरे करने का समय दिया, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। अब किसान के बेटे सड़क सत्याग्रह के माध्यम से सरकार को जगाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की आवाज उठाने पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, तो कांग्रेस कार्यकर्ता जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव एवं तालाबंदी भी की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर है, लेकिन सरकार कुंभकरण की नींद में सो रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को केवल पश्चिम बंगाल की राजनीति करनी है, तो मुख्यमंत्री वहीं चले जाएं। मध्य प्रदेश के किसानों की समस्याओं से सरकार का कोई सरोकार दिखाई नहीं देता।
श्री सिंघार ने कहा कि किसान सब देख रहा है और यदि सरकार किसानों को रुलाएगी, तो किसान भी सरकार को जवाब देना जानता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूरी भाजपा “झालमुड़ी खाने” में व्यस्त है, लेकिन किसानों का गेहूं और सोयाबीन दिखाई नहीं दे रहा।
