CG News, रायपुर । चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने आज (30 जुलाई) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पत्रकार वार्ता पर पलटवार करते हुए बड़ी सफाई से जमीनी सच्चाई को छुपाने का आरोप लगाया है उन्होंने कहा है स्वास्थ्य मंत्री जी भाजपा सरकार की बड़ी असफलता कांकेर के आदिवासी हॉस्टल में चार बच्चों और सुदूर आदिवासी अंचल बोड़ला ब्लॉक कवर्धा में मलेरिया से हुई तीन मौतों की सच्चाई बताने का नैतिक साहस भी नहीं कर पाए।
डॉ राकेश गुप्ता ने कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार द्वारा मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के अंतर्गत मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों और मितानिन सहित डॉक्टर और नर्सों के घर-घर अभियान की सफलता से पॉजिटिव मलेरिया मरीजों की दर एक प्रतिशत से कम करने की सफलता का जिक्र करने का भी नैतिक साहस नहीं दिखा पाए, इसी सफलता को बरकरार रखने में असफल स्वास्थ्य मंत्री जी पिछले 3 वर्षों में मलेरिया रोकथाम के लिए अति आवश्यक प्राथमिक मलेरिया जांच अभियान और स्वास्थ्य विभाग में पनप रही कमीशन खोरी के कारण मेडिकेटेड मच्छरदानी खरीदी और वितरण में असफल रहे हैं।
डॉ राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन में 30 जुलाई को ३५८८ मलेरिया रैपिड टेस्ट किट के स्टॉक की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया है कि जब मलेरिया टेस्ट किट ही उपलब्ध नहीं है? तो मैदानी अमले द्वारा किस प्रकार की जांच की जा रही है इसका जवाब स्वास्थ्य मंत्री जी को तुरंत प्रदेश की जनता को देना चाहिए।
मैदानी स्थिति का आकलन करने में असफल स्वास्थ्य मंत्री जी को ये स्पष्ट करना चाहिए की बिना रैपिड डाइग्नोस्टिक किट के क्या मितानिन ब्लड स्लाइड सैंपलिंग कर रही हैँ? गैर तकनिकी सालाहकारों द्वारा तैयार स्पीच को बिना तर्क और दिमाग़ लगाए पढ़ने से पहले उन्हें प्रोटोकॉल की जानकारी लेनी चाहिए थीं. क्योंकि विभाग की सफलता और नाकामी में वो अंतिम जिम्मेदार हैं।
सच तो यह है की रैपिड डिग्नोस्टिक किट के बिना ना तो मितानिन टेस्ट कर पा रहीं हैँ ना तो मैदानी अमला. इसका सीधा अर्थ यह है कि मैदानी स्क्रीनिंग की स्थिति आगे पाट और पीछे सपाट वाली है।
डॉ राकेश गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री को मित्रवत सलाह दी है कि वह उधार के ज्ञान से प्रेस कॉन्फ्रेंस वीर होने की बजाय अपना नैतिक दायित्व पूरा करें तो अच्छा रहेगा. डॉ राकेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री से आदिवासी बच्चों की मौत पर झूठ बोलने वाले स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है और मुख्यमंत्री को चेताया है की यदि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री जी के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य विभाग की अकर्मण्यता पर रोक नहीं लगाई गई तो इस कारण मलेरिया की स्थिति आने वाले दिनों में स्थिति भयावह होने वाली है।