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बिहार, वैशाली। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के लिए 100 दिन के कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 22 जनवरी 2026 को जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान जिला पदाधिकारी महोदया ने रथ के बैनर पर स्वयं हस्ताक्षर भी किया।

यह जागरूकता रथ एक माह तक वैशाली जिले के सभी पंचायत में जाकर लोगों को जागरूकता फैलाने का कार्य करेगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा भारत को बाल विवाह मुक्त करने के लिए 100 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए महिला विकास निगम को नोडल बनाया गया है। इस क्रम में वैशाली जिले के विभिन्न विद्यालयों में बाल विवाह की मुक्ति के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जा रहा है । बाल विवाह पर चित्रकला, निबंध लेखन तथा स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें उपस्थित लोगों को बाल विवाह न करने तथा बाल विवाह के किसी भी कार्यक्रम में शामिल न होने की शपथ दिलाई जा रही है। बाल विवाह में शामिल लोगों के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 में 2 साल की कैद और 1 लाख रुपए तक जुर्माने या दोनों एक साथ हो सकता है, का प्रावधान किया गया है।

बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे कानून के डंडे से नहीं बल्कि जन जागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता से ही समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए समाज के सभी लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता रथ चलवाया जा रहा है ।

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By Ali Ahmad

लेखक के बारे में : अली अहमद - चौपाल संदेश के संपादक है । 'चौपाल संदेश' के संपादक के रूप में जन-सरोकार, राजनीति और समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष एवं सटीक पत्रकारिता का अनुभव। समाज के हर वर्ग से जुड़ी अहम ख़बरों और ज़मीनी मुद्दों को पाठकों तक पहुँचाना ही मुख्य ध्येय है। ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर निष्पक्ष विचार व सटीक ख़बरों के लिए प्रतिबद्ध।