पटना। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। यह पहल न तो सुर्खियां बटोरने के लिए है और न ही भाषण देने या किसी अधिकारी-कर्मचारी को हतोत्साहित करने के लिए। इसका एकमात्र उद्देश्य जनता की वास्तविक समस्याओं को सुनना, समझना और उनका नियमानुकूल समाधान सुनिश्चित करना है।
उपमुख्यमंत्री शुक्रवार को पूर्णिया स्थित प्रेक्षा गृह सह आर्ट गैलरी में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम न्यायालयों के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप करने का प्रयास नहीं है। संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और न्यायिक सीमाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। विभाग किसी भी स्तर पर माननीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि किसी मंत्री, नेता या वरिष्ठ अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर हल्का, अंचल या जिला स्तर पर अवांछित दबाव बनाने की प्रवृत्ति को कड़ाई से रोका जाएगा। राजस्व कर्मचारी, अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं ऐसा प्रयास हो, तो संबंधित पदाधिकारी तत्काल विभाग को सूचित करें।
उन्होंने भूमि सुधार को जटिल और संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि इसमें सुधार के लिए सोच-समझ और समय दोनों की आवश्यकता है। इसी कारण विभाग ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और फिर जिलावार जनता के बीच जाकर संवाद करने का निर्णय लिया है, ताकि जमीनी फीडबैक के आधार पर स्पष्ट, जनोपयोगी और पारदर्शी नीति बनाई जा सके।
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का शुभारंभ 12 दिसंबर को पटना से हुआ। इसके बाद 15 दिसंबर को लखीसराय और 22 दिसंबर को मुजफ्फरपुर में संवाद आयोजित किया गया। 18 दिसंबर को राज्य के सभी एडीएम, डीसीएलआर और सीओ के साथ पटना में समीक्षा बैठक भी की गई। हर स्थान पर यह संदेश दिया गया कि विभाग की कार्यप्रणाली के केंद्र में बिहार की जनता है। उनके काम को आसान बनाना है।
उन्होंने दो टूक कहा कि इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार के बिचौलियों, दलालों और भूमाफियाओं की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सफेदपोश बनकर भूमाफियाओं को संरक्षण देने वाले तत्वों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है। भूमाफियाओं और जालसाजों पर प्राथमिकी दर्ज करने में विभाग अपने अधिकारियों के साथ खड़ा रहेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले 100 दिनों में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने तीन प्रमुख समस्याओं यथा दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई मापी को प्राथमिकता दी है। दिसंबर माह में सभी अंचलाधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। अंचल स्तर पर नियम, नीति और प्रक्रिया की जानकारी बैनर-पोस्टर के माध्यम से साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 9-9-6 (सुबह 9 बजे से शाम 9 बजे तक, सप्ताह में 6 दिन) व्यवस्था लागू की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 14 जनवरी के बाद क्षेत्रवार फिर से गहन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सही लोग चाहे अधिकारी-कर्मचारी हों या आम नागरिक, किसी भी हाल में पीड़ित नहीं होंगे, जबकि गलत करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि समय पर न्याय सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है, क्योंकि न्याय में देरी भी अन्याय है। दूसरे चरण में विभाग का फोकस सर्वे कार्य, सरकारी भूमि का डाटाबैंक/लैंडबैंक तैयार करने और मानवीय सरोकारों के संरक्षण के साथ अतिक्रमण की समस्या के समाधान पर होगा। इसके उपरांत उपमुख्यमंत्री ने पूर्णिया के सभी 14 अंचलों के विभिन्न भूमि समस्याओं से पीड़ितों और अधिकारियों–कर्मचारियों को आमने सामने बैठाकर उनकी समस्या पर वार्ता की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने जिले की डीएम और एसपी को विभिन्न मामलों की जांच करने का भी निर्देश दिया।
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