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पटना । केंद्र और राज्य सरकार ने गेहूं की अधिप्राप्ति यानी खरीददारी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। केंद्र की स्वीकृति के बाद राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया है, जो कि पहले से 10 गुना अधिक है। पहले गेहूं खरीद का लक्ष्य 18,000 मीट्रिक टन निर्धारित था। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलेगा।

संशोधित लक्ष्य के अनुसार अब कुल खरीददारी में से 1,30,000 मीट्रिक टन गेहूं पैक्स एवं व्यापार मंडलों के माध्यम से तथा 50,000 मीट्रिक टन भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से खरीदा जाएगा। राज्य में गेहूं खरीददारी का कार्य बीते 1 अप्रैल से प्रारंभ है, जो 15 जून तक चलेगा। रबी विपणन मौसम 2026-27 में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है

गेहूं खरीददारी के लक्ष्य में की गई यह वृद्धि राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा कृषि आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है।

32 हजार मीट्रिक टन मसूर की होगी खरीदारी

राज्य में सरकार किसानों से एमएसपी पर 32 हजार मीट्रिक टन मसूर की खरीदारी करेगी। रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 7,000 रुपये निर्धारित किया गया है। मसूर के लिए किसानों को अच्छी कीमत मिलने से उनकी आय में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही 16,750 मीट्रिक टन चना और 28,000 मीट्रिक टन सरसों की खरीदारी एमएसपी पर की जाएगी। मसूर अधिप्राप्ति 10 अप्रैल से शुरू है, जो कि 31 मई तक चलेगी।