पटना/मुंगेर। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने मुंगेर प्रेक्षा गृह में आयोजित भूमि सुधार जन–कल्याण संवाद में स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में भूमि सुधार का अभियान किसी भी हाल में रुकने वाला नहीं है। भूमि विवाद, अवैध कब्जा और राजस्व व्यवस्था में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
मुंगेर की ऐतिहासिक धरती से जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जमीन का एक विवाद केवल दो लोगों का मामला नहीं होता, बल्कि यह दो परिवारों, दो गांवों और कई पीढ़ियों तक तनाव पैदा कर देता है। इसलिए राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि भूमि विवादों को केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर समाप्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भूमि सुधार जन–कल्याण संवाद इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है, जिसके माध्यम से सरकार सीधे जनता की शिकायत सुन रही है। अब तक आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों में 15 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें डिजिटल प्रणाली से दर्ज कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन या गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वाले भूमि माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में यदि भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनावश्यक देरी की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को सम्मान मिलेगा, लेकिन भ्रष्टाचार के लिए सरकार में कोई जगह नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ लोग अंचलाधिकारी से जुड़े प्रकरण को लेकर उनके निजी सचिव के बारे में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि सच्चाई है कि उन्हें इसका पता भी नहीं था। उन्होंने कहा कि इस तरह की मनगढ़ंत कहानियां गढ़कर किसी को बरगलाने की कोशिश करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि राज्य सरकार किसी के दबाव या बहकावे में निर्णय नहीं लेती। सभी फैसले नियम और जनहित के आधार पर ही लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हड़ताल और तालाबंदी जैसी प्रवृत्तियां अराजकता का प्रतीक हैं और इससे जनता का काम बाधित होता है। बिहार अब उस दौर से आगे बढ़ चुका है जब लंबे समय तक हड़ताल और अव्यवस्था के कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे। आज सरकार का लक्ष्य व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाना है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवादों के कारण वर्षों से जनता की आंखों में जो आंसू बहते रहे हैं, अब उन्हें रोकने का समय आ गया है। सरकार का उद्देश्य है कि गांवों में शांति और सामाजिक सौहार्द कायम हो तथा विकास की गति तेज हो।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति जिद पर अड़कर या किसी के बहकावे में आकर जनता के काम में बाधा पहुंचाने और सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का प्रयास करेगा, तो सरकार कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगी।