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रायपुर: रायपुर जिले में खरीफ 2025 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नैनो डीएपी का पर्याप्त मात्रा में भंडारण एवं वितरण किया जा रहा है। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए आधुनिक, किफायती और प्रभावशाली तरल उर्वरक नैनो डीएपी के प्रयोग के बारे में बताया जा रहा है।

नैनो डीएपी का उपयोग बेहद आसान है — एक लीटर पानी में 5 मिली नैनो डीएपी मिलाकर इसका छिड़काव किया जाता है। एक सामान्य घरेलू ढक्कन (25 मिली) की मात्रा 5 लीटर पानी के लिए पर्याप्त होती है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने भी नैनो डीएपी को किसानों के लिए लाभकारी बताया है। यह उर्वरक पौधों को आवश्यक नाइट्रोजन और फास्फोरस प्रदान करता है, जिससे उनकी बेहतर वृद्धि, विकास और उत्पादन में मदद मिलती है। साथ ही, यह मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में पारंपरिक डीएपी का स्मार्ट विकल्प है।

नैनो डीएपी का उपयोग बीज उपचार, मिट्टी में मिलाने और पत्तों पर छिड़काव — तीनों रूपों में किया जा सकता है। यह सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है और किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रहा है।