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रायपुर। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में आयुष मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘आयुष ग्राम’ योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण जनता को आयुष आधारित समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे न केवल बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़े, बल्कि निरोग जीवनशैली को भी बढ़ावा मिले।

राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम चरण में 146 ग्रामों को ‘आयुष ग्राम’ के रूप में चिन्हित किया गया है। इन ग्रामों में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूल शिक्षकों, स्व-सहायता समूहों और जन प्रतिनिधियों की भागीदारी से स्वास्थ्य जागरूकता को जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है।

योजना के तहत ग्रामवासियों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जोड़ने के लिए औषधीय पौधों की खेती, उनके घरेलू उपयोग, योग, प्राणायाम और प्राकृतिक चिकित्सा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने हेतु नियमित कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से सरकार का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में आयुष की पहुंच सुनिश्चित करना और भारत की प्राचीन चिकित्सा विधाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।

राज्य में अब तक ‘आयुष ग्राम’ योजना के अंतर्गत कुल 1659 मेलों का आयोजन किया गया है, जिनमें 1,04,333 हितग्राही लाभांवित हुए हैं। इन मेलों के माध्यम से लोगों को निशुल्क परामर्श, औषधि वितरण और जीवनशैली सुधार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रदेश सरकार की मंशा है कि आयुष पद्धति से जुड़ी यह पहल न केवल ग्रामीण भारत के स्वास्थ्य को सशक्त बनाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर ग्राम समाज की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगी।