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मुख्य ग्रंथी द्वारा बाबा बुड्ढा जी  साहिब के जीवन और उनके योगदान पर प्रवचन दिए गए, जिसमें उन्होंने बताया कि बाबा बुड्ढा जी सिख इतिहास के महान संतों में से एक थे, जिन्होंने गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु हरगोबिंद साहिब जी तक की सेवा की, उनका सिख धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है।धन धन बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस के अवसर पर तीन दिन तक महान कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ जिसमें रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से संगत  (श्रद्धालुओं ) ने हिस्सा लिया |

बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्म दिवस समारोह के अवसर पर हिंदू, मुस्लिम एवं ईसाई समाज के आर्च बिशप हेनरी – छ.ग. हैड, शफीक अहमद खान – जमाते इस्लामी छग हैड, मोबिन खान – जमाते इस्लामी, सेबेस्टियन – सचिव सर्व आस्था मंच, हसैनी हसन – सर्व आस्था मंच, जान राजेश पाल – अध्यक्ष चर्च कोर्ट सेंटपाल कैथ्रेडल, एड‌वोकेट आदित्य झा, शैलेन्द्र सिंह कौशल, प्रेम शंकर गौंठिया,
एडवोकेट फैजल रिजवी, मोहम्मद सिराज – आल इंडिया मुस्लिम फाउंडेशन ने उपस्थित होकर कौमी एकता का परिचय देते हुए, सर्वधर्म एकता की बात करते हुए गुरुद्वारा में माथा टेक कर अरदास में शामिल हुए, सभी ने एक साथ गुरु का लंगर भी ग्रहण किया।

बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस अवसर पर आयोजित महान कीर्तन दरबार के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर रूपी प्रसाद ग्रहण किया। लंगर सेवा में सेवादारों ने पूरे समर्पण के साथ सेवा की जो गुरुद्वारों की पुरानी परंपरा है।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार हरकिशन सिंह राजपूत एवं सदस्य दिलेर सिंह रंधावा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बाबा बुड्ढा जी साहब के उपदेशों और शिक्षाओं को जनमानस तक पहुँचाना है, ताकि लोग उनकी आध्यात्मिकता और सेवाभाव से प्रेरणा ले सकें।