रायपुर में वाहन के दस्तावेजों की गई जांच
छत्तीसगढ़, रायपुर : नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पूर्व परिवहन तथा ट्रैफिक पुलिस ने स्कूल बसों के दस्तावेजों के साथ फिटनेस जांच की। शनिवार तथा रविवार (14जून एवं 15 जून ) को 418 स्कूल बसों की जांच की गई। जांच में 116 बसों में खामियां पाई गईं। जिन बसों में खामियां पाई गईं, उनमें से ज्यादातर बसों के रिफ्लेक्टर खराब मिले। साथ ही कई स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगे थे तो कई बसों के टायर खराब होना पाया गया। संबंधित स्कूल संचालकों को बसों की खामियां दूर कर दोबारा फिटनेस टेस्ट करने बुलाया गया है। फिटनेस जांच कराने 27 स्कूल की बसें पिछले दो दिनों में पहुंचीं। जांच के दौरान मौके पर स्वयं एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह पहुंचे। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस के साथ परिवहन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। रायपुर आरटीओ आशीष देवांगन के अनुसार, जिन स्कूलों की बसें फिटनेस जांच कराने नहीं पहुंची हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। फिटनेस जांच नहीं कराने वाले स्कूल की बसों का परमिट रद्द करने की चेतावनी दी गई है।

इन बिंदुओं पर स्कूल बसों की जांच
वाहन के दस्तावेज।
वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी बुक), मोटरयान कर जमा की रसीद।
वाहन का परमिट, वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, वाहन का बीमा प्रमाणपत्र।
वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र, चालक का अनुज्ञापत्र, स्पीड गवर्नर ।
वाहन के मैकनिकल फिटनेस की जांच-
1.हेड लाईट, 2. ब्रेक लाईट, 3. पार्किंग लाईट, 4. इंडिगेटर लाईट, 5. स्टेयरिंग की स्थिति, 6. टायर की स्थिति, 7. वायपर, 8. ब्रेक/हैण्ड ब्रेक, 9. क्लच, 10. एक्सीलेटर, 11. सीट की स्थिति, 12. हॉर्न, 13. रिफ्लेक्टर।
सुप्रीम कोर्ट के ये हैं निर्देश – पढ़े
बस के आगे और पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा होना चाहिए।
अगर बस किसी और उद्देश्य की भी है (जैसे किराए की बस) तो उस पर “ऑन स्कूल ड्यूटी” लिखा होना चाहिए।
बस पीले रंग की होनी चाहिए।
बस के चारों ओर चौड़ी पट्टी होनी चाहिए, जिस पर स्कूल का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर अंकित हो।
बस में फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य है
सभी सीटों के नीचे बस्ता रखने के लिए स्थान होना चाहिए।
बस में फायर एग्जिग्विशर होना जरूरी है।
स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए।
बस ड्राइवर को कम से कम 5 साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव होना चाहिए।
बस में एक अटेंडर, हेल्पर (महिला स्टाफ विशेषकर प्राथमिक स्कूल के लिए) होना चाहिए।
बस की खिड़कियों के बाहर जाली होना अनिवार्य है।
बस के अंदर और बाहर का दरवाजा स्वचालित या सुरक्षित तरीके से बंद, खुलने वाला होना चाहिए।
बस की नियमित मरम्मत की जानी चाहिए, सभी परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा आदि अद्यतन होने चाहिए
कोई भी स्कूल बस 12 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए