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रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुस्लिम समाज ने शुक्रवार (26 दिसम्बर 2025) को एक वृहत आक्रोश सभा का आयोजन किया। जानकारी के मुताबिक बीते 23 दिसंबर 2025 को आधी रात को रायपुर पुलिस ने हज यात्रा पूर्ण कर चुके मुस्लिम समाज के 120 वरिष्ठ नागरिकों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लिया और दिन भर उनसे पूछताछ की गई, जिनमें कई महिलाएं भी थीं। साथ ही कई नागरिक 70 वर्षीय थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि पिछले 50 साल से भी अधिक समय से रायपुर में शांतिपूर्ण रूप से अपना जीवन गुजर बसर करते आए हैं। इनमें से कोई भी बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठिया नहीं है। मुस्लिम समाज ने रायपुर के पुलिस प्रशासन द्वारा गलत और अपमानजनक तरीके से मुस्लिम समाज को परेशान करने वाले इस कृत्य के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

इस आक्रोश प्रदर्शन सभा का संचालन सीरत कमिटी के पूर्व अध्यक्ष नुमान अकरम ने किया।

आक्रोश प्रदर्शन सभा को एडवोकेट फैजल रिजवी, शहर सीरत कमिटी अध्यक्ष सुहेल सेठी, भाकपा (माले) रेड स्टार के कॉमरेड तुहिन,राष्ट्रीय हुसैनी सेना के राहिल रौफ़ी,मोहम्मद सिराज,कारी इमरान साहब,रफीक गौतिया,फहीम शेख,अल्ताफ अहमद फारूकी,एडवोकेट सादिक अली, एजाज कुरैशी, क्रिश्चियन समाज की ओर से मनीष दयाल, बौद्ध समाज की ओर से डॉक्टर आर के सुखदेवे , संस्कृतिकर्मी निसार अली सहित कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी।

प्रदर्शन में वक्ताओं ने फासिस्ट संघ परिवार द्वारा पूरे देश में इस्लामोफोबिया के तहत भगवा गिरोह द्वारा मुसलमानों को प्रताड़ित करने ,क्रिसमस के समय छत्तीसगढ़ और पूरे देश में ईसाइयों पर दमन तथा दलितों ,उत्पीड़ितों, महिलाओं,आदिवासियों और गरीब मेहनतकश जनता पर अत्याचार की मजबूती से मुखालफत की।