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Chaupal Sandesh, रायपुर। राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ते प्रदूषण एवं काले डस्ट की समस्या को लेकर मंगलवार (24 फरवरी) को शहर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर के नेतृत्व में हीरापुर स्थित पर्यावरण कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण विभाग की निष्क्रियता और उदासीन रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता अपने अपने घरों में सनी काले धूल से ढके सफेद कपड़े साथ लेकर पहुंचे और उसे दिखाकर यह प्रमाणित किया कि शहर में प्रदूषण की स्थिति कितनी भयावह हो चुकी है। कांग्रेस ने कहा कि यह केवल कपड़ों पर जमी धूल नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का काला सच है।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने शहर में लगातार बढ़ते प्रदूषण और काले डस्ट की भयावह स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रायपुर आज प्रदूषण की गिरफ्त में है और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदकर बैठा है।

उन्होंने कहा कि एम्स और मेकहरा के डाटा से यह साबित हो रहा है कि प्रदूषण के कारण लंग कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में श्वास संबंधी बीमारियों के मरीजों की कतार लंबी होती जा रही है। छोटे छोटे बच्चों में दमा की समस्या आम बात हो गई है, जो बेहद चिंताजनक है। यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य का गंभीर संकट है।

श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा कि पूरे शहर में काले डस्ट का गुबार फैला हुआ है। घरों की छतें, दीवारें, वाहन और कपड़े काली धूल से पटे हुए हैं। यह काला डस्ट केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पेड़ पौधों के लिए भी घातक साबित हो रहा है। शहर के अनेक क्षेत्रों में पेड़ पौधे सूख रहे हैं और हरियाली नष्ट हो रही है।

श्रीकुमार शंकर मेनन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के आसपास संचालित फैक्ट्रियों एवं प्लांटों में लगे ईएसपी (इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर) को नियमित रूप से नहीं चलाया जा रहा है। फैक्ट्री एवं प्लांट संचालक बिजली की बचत के नाम पर ईएसपी मशीनों को बंद रख रहे हैं, जिसके कारण भारी मात्रा में काला डस्ट सीधे वातावरण में फैल रहा है। यही कारण है कि पूरे शहर में काले धूल का गुबार छाया हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उद्योगों एवं निर्माण स्थलों पर प्रभावी नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। यदि समय रहते ठोस और कड़े कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।