रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है एक तरफ किसानों को रबी फसल की कीमत नही मिल रही हैं किसानों का फसल को नुकसान हुआ लेकिन अभी तक मुआवजा नही मिला है और साय सरकार ने समय में बिजली और पानी उपलब्ध नही कराया है। इस कारण किसानों को बहुत नुकसान हुआ है सरकार के द्वारा कोई सर्वे नही कराया गया है। मंडी बंद है धान की खरीदी नहीं हो रही है। इस साल किसान राईस मिलरों को 1400-1500 रुपये में क्विंटल की दर में धान बेचने को बाध्य हुये। किसान बरसात की फसल के लिये तैयारी कर रहे है लेकिन बीज और खाद की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण किसानों को बहुत ही ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ेगा।
नकली खाद मार्केट में आ गया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, नकली खाद मार्केट में आ गया है और किसान से जुड़े संगठन भी आंदोलन कर रहे है। कवर्धा में गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ना की कीमत नही मिल रही है। पिछले समय 4 महीने गन्ना खरीदी होती थी पर इस साल सिर्फ 44 दिन खरीदी हुयी है और जो गन्ना की खरीदी हुयी उसका भी भुगतान नहीं हुआ है। साय सरकार किसान विरोधी सरकार है।
सुशासन त्यौहार चल रहा है आवेदन ले लिया है और पावती नहीं दिये
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा सुशासन त्यौहार चल रहा है आवेदन ले लिया है और पावती नहीं दिये है। मस्तूरी विधानसभा में आयोजित सुशासन तिहार में जनता ने पूर्व में दिये आवेदन के निराकरण की जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने पावती मांगी, जबकि आवेदन लेते समय पावती नहीं दी गयी थी जिससे जनता आक्रोशित हुई अधिकारी भाग गये। दूसरी तरफ भाजपा के नेता वसूली करने में लगे हुये है। खदानों में अवैध खनन चल रहा है। कोयला, लोहा में कमीशनखोरी चल रहा है। अब तो विभागों में 30 प्रतिशत की कमीशन से काम हो रहा है। हद तो तब हो जाती जब मुख्यमंत्री के परिवार के लोग जाकर दारू और मुर्गा की मांग करते है नहीं देने वालों पर कार्यवाही हो जाती है। इससे निचले स्तर की बात नही हो सकती।
तेंदूपत्ता तोड़ने गये 3 ग्रामीणों को मारा, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का अलग बयान
पूर्व सीएम ने कहा की सरकार द्वारा नक्सली अभियान चलाया जा रहा सरकार को स्पष्ट करना चाहिये नक्सली कितने मारे गये और उसमे ग्रामीण तो मरे नही है। क्योकि पिछले समय ग्रामीणों की भी हत्या हो गयी थी। पिछले साल तेंदूपत्ता तोड़ने गये 3 ग्रामीणों को मार दिया गया था। सरकार के तरफ से उन लोगों को मुआवजा भी नहीं मिला। नक्सली मामले में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का अलग बयान आता है, यह स्थिति है सरकार की।
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा पहलगाम में 26 लोगों की मौत हो गयी थी सरकार ने सुरक्षा क्यों नही दिया और जब युद्ध हो रहा था तब ट्रंप बीच में आकर सीजफायर हमने कराया बोल रहे है और कश्मीर के बारे में बात किया जायेगा जबकि हमने अपने लोगों को खोया है सरकार को स्वतंत्र फैसला लेना चाहिये। सरकार को बताना चाहिये कि पुलवामा हमले में आरडीएक्स कहां से आया था। सरकार के पास कोई नीति नहीं है। अभी अघोषित आपातकाल लगा हुआ है सरकार से सवाल पूछने पर सीधे जेल में डाल देते है भारत प्रजातांत्रिक देश है सबको बोलने का पूरा अधिकार है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, झीरम और पहलगाम में जो समानता है कि दोनों जगह सुरक्षा नही था। झीरम घाटी में नाम पूछकर मारे और पहलगाम में धर्म पूछकर मारे। आज तक नक्सली और आतंकवाद हमले में ऐसा नहीं मिलेगा कि नाम और धर्म पूछकर मारा गया हो। झीरम मामले में हमने एसआईटी गठन किया गया था लेकिन एनआईए ने उसका विरोध किया था एफआईआर में नाम गायब हो जाते है सरकार में यह स्थिति है। भाजपा की केंद्र सरकार ने हमे जांच करने नहीं दिया।