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रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघठन (NSUI) रायपुर जिला द्वारा आज शुक्रवार ( 11 मार्च) को एक बड़ा निर्णय लेते हुए संगठन के कुछ पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। यह कार्यवाही उन पदाधिकारियों पर की गई है जो संगठनात्मक गतिविधियों से लंबे समय से दूरी बनाकर निष्क्रिय बने हुए थे और हाल ही में आयोजित NSUI स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भी अपनी गैर-जवाबदेही और उदासीनता का परिचय दिया।

जिला अध्यक्ष शान्तनु झा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त किया गया है, जबकि कुछ को अंतिम अवसर देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्यवाही न तो व्यक्तिगत है और न ही भावनात्मक — यह पूरी तरह संगठन की गरिमा, अनुशासन और सक्रियता के आधार पर की गई है।

शान्तनु झा ने कहा है SUI कोई मौज-मस्ती का मंच नहीं, यह युवाओं की विचारधारा और संघर्ष का संगठित स्वरूप है,” उन्होंने आगे कहा कि, “जो लोग केवल पद की लालसा में संगठन से जुड़ते हैं और जिम्मेदारियों से मुँह मोड़ते हैं, उन्हें अब NSUI में स्थान नहीं मिलेगा। संगठन अब केवल काम करने वालों का होगा, नाम और फोटो के शौकीनों का नहीं।” यह कार्यवाही उन जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणा है, जो निस्वार्थ भाव से संगठन को मज़बूती दे रहे हैं। NSUI रायपुर का यह संदेश बिल्कुल स्पष्ट है — “अब संगठन में पद नहीं, परिश्रम चलेगा।”

शान्तनु झा ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में संगठन के भीतर और भी बड़े बदलाव किए जाएंगे, जिससे रायपुर NSUI एक अनुशासित, सक्रिय और विचारशील इकाई के रूप में खड़ा हो सके।