अली अहमद, रायपुर : छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मितानिन संघ के आव्हान पर रायपुर संभाग की मितानिनों ने गुरुवार को नवा रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर जमकर प्रदर्शन किया। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर लामबंद मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फेसिलेटर और ब्लाक को-आर्डिनेटर काम बंद-कलम हड़ताल कर सड़क पर उतरे और अपने हक की आवाज बुलंद की।

गुरुवार (7 जुलाई) को तूता धरना स्थल पर संभाग स्तरीय धरना प्रदर्शन में रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी और महासमुंद जिले से मितानिनें प्रदर्शन करने बड़ी संख्या में पहुंचीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संविलयन सहित 3 सूत्रीय मांग के प्रति शासन का ध्यान आकर्षित करने नारेबाजी की। प्रदर्शन में रायपुर संभाग के 5 जिलों से मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फेसिलेटर, ब्लाक को आर्डिनेटर शामिल हुए। इस धरना स्थल पर खासी चहल-पहल देखने को मिली। छत्तीसगढ़ मितानिन संघ के प्रदेश अध्यक्ष सरोज सिंह सेंगर, सचिव नंदकिशोर वासनिक ने कहा है कि 7 से 11 अगस्त तक संभाग स्तरीय धरना प्रदर्शन में प्रदेश की 72 हजार मितानिनें प्रतिदिन अलग-अलग संभागवार प्रदर्शन में शामिल होंगी।

प्रमुख मांगें इस तरह
1. मितानिन कार्यक्रम में कार्यरत मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फेसिलेटर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संविलयन के वादे को पूरा किया जाए।
2. वेतन क्षतिपूर्ति में 50 फीसदी की बढ़ोतरी कर शासन वादा पूरा करे।
3. ठेका प्रथा बंद किया जाए, एनजीओ के अंतर्गत कार्य नहीं करेंगे।
धरनास्थल पर 8 अगस्त को दुर्ग संभाग की मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फेसिलेटर और ब्लाक को आर्डिनेटर भाग लेंगी। इसी तरह 9 अगस्त को बिलासपुर संभाग और 10 अगस्त को सरगुजा संभाग के बाद 11 अगस्त को बस्तर संभाग की मितानिनें तूता धरना स्थल पर संभाग स्तरीय प्रदर्शन में शामिल होंगी।