बस्तर । बस्तर जिले ने राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएसएस) परीक्षा 2025-26 में ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में तैयार की गई सुनियोजित रणनीति और शिक्षकों की सतत मेहनत के परिणामस्वरूप जिले के 177 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इस उपलब्धि के साथ बस्तर ने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है।
पिछले वर्ष थे केवल दो, अब बढ़कर 177
यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले वर्ष जिले से केवल दो विद्यार्थियों का चयन हुआ था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 177 तक पहुंच गई है। एक वर्ष में लगभग 90 गुना वृद्धि ने बस्तर के शिक्षा मॉडल को प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना दिया है। परीक्षा में चयनित सभी विद्यार्थियों को अब केंद्र सरकार की ओर से कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिमाह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक छात्र को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी आगे की शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
बकावंड विकासखंड के 130 विद्यार्थियों का चयन
ब्लॉक स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रदर्शन देखने को मिला। बकावंड विकासखंड ने अकेले 130 विद्यार्थियों के चयन के साथ न केवल जिले में बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं लोहंडीगुड़ा विकासखंड से 37 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल कर जिले के प्रदर्शन को और सशक्त बनाया। इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन की सुविचारित तैयारी और शिक्षकों की प्रतिबद्धता रही। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देश पर विद्यार्थियों को परीक्षा के वास्तविक वातावरण से परिचित कराने के लिए ओएमआर शीट आधारित पांच मॉक टेस्ट आयोजित किए गए। सभी परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के समान 90 मिनट की समय-सीमा में संचालित की गईं। अंतिम मॉक टेस्ट 22 अप्रैल को आयोजित किया गया था। जिले के लगभग सभी हाई स्कूलों को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित कर इस अभियान को व्यापक स्वरूप दिया गया।