पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित एनडीए सरकार ने अपनी तीसरी कैबिनेट की बैठक में सात निश्चय के तीसरे चरण की रूपरेखा प्रस्तुत की है। वर्ष 2025 से 2030 के बीच सात निश्चय-3 की आधारशीला रखी गई है। इसे मूर्तरूप देते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसके मसौदे पर मुहर लगी। बैठक के बाद इससे संबंधित जानकारी कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि न्याय के साथ विकास पर आधारित साझा कार्यक्रम के संकल्प को दोहराते हुए आगामी पांच वर्षों में बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार ने यह प्रतिबद्धता दोहराई है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रति व्यक्ति दोगुना आय को ध्यान रखते हुए रोजगारोन्मुखी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने पर फोकस किया जाएगा। खेल को प्रोत्साहित करते हुए स्पोर्ट्स क्लब को सुदृढ़ बनाने की योजना है। इस ऐतिसाहिक निर्णय को लेकर मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर विस्तार से जानकारी दी है और सात निश्चय में शामिल सभी अव्यवों के बारे में जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट में कहा है कि 24 नवंबर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी है। तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अंतर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) में न्याय के साथ विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए अब सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को लागू करने का निर्णय लिया गया है।
दोगुना रोजगार-दोगुनी आय
सात निश्चय-3 का पहला निश्चय दोगुना रोजगार-दोगुनी आय रखी गयी है। इसका उदेश्य राज्य के प्रति व्यक्ति की औसत आय को दोगुनी करनी है। इसके लिए कई कार्यक्रम एवं योजनाओं को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हमलोग राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये दे रहे हैं। इस योजना के लाभुकों को अपना रोजगार आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। वर्ष 2023 में राज्य में जाति आधारित गणना के साथ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण भी कराया था, जिसमें चिन्हित किए गए 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजना से जोड़ा जाएगा। आवश्ययकतानुसार इन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। बिहार के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट-बाजारों को विकसित किया जाएगा। आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वर्तमान में अलग से युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग का गठन किया जा चुका है।
समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार
दूसरा निश्चय समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार है। इसके तहत राज्य में उद्योगों का तेजी से विकास करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसका मुख्य उदेश्य बिहार को पूर्वी भारत का नया प्रौद्योगिकी केंद्र (टेक हब) बनाना, बिहार को विश्वस्तरीय कार्यस्थल के रूप में विकसित करना और राज्य के प्रतिष्ठित उद्यमियों और प्रतिभाशाली युवाओं को राज्य के अंदर उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में 50 लाख करोड़ का निजी निवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय का गठन किया गया है। बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को चरणबद्ध रूप से चालू किया जाएगा और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाएगी। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गई है।
कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि
कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि के तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 तक के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में अधिक तेजी लाई जाएगी। मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा राज्य के सभी गांवों में दूध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को आगे बढ़ाया गया है।
उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य
उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य के तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है। पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को संटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य में नई शिक्षा सिटी का निर्माण भी किया जाएगा।
सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन
आमजन को सुलभ स्वास्थ्य सुरक्षित जीवन मुहैया कराने पर खासतौर से फोकस कर रही है। इसके तहत प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बेहतर पढ़ाई एवं इलाज के लिए लोक निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों को अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था एवं सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी।
मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार
शहरी क्षेत्रों को विस्तार देने और सुदृढ़ तरीके से नागरिक सुविधाओं को बहाल करने के लिए मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार की अवधारना पर खासतौर से फोकस किया जा रहा है। नए आधुनिक नियोजित शहरों का विकास जाएगा। शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। शहरों में सुलभ संपर्कता के लिए 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों का चरणवद्ध तरीके से 2 लेन चौड़ीकरण कराया जाएगा। बिजली से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने के साथ ही सभी इच्छुक लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य के सभी पर्यटन स्थलों को विकसित कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट से सभी पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। फिल्मों की शूटिंग के लिए फिल्म सिटी का निर्माण तथा फिल्म व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जाएगा। पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी का निर्माण के साथ ही सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों के आयोजन को बढ़ावा दिया जाएगा।
सबका सम्मान-जीवन आसान
सात निश्चय-3 में सातवां तथा अंतिम निश्चय सबका सम्मान जीवन आसान रखा गया है। इसके तहत राज्य में आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं संवेदनशील सुशासन के माध्यम से राज्य के सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए कार्य किए जाएंगे। इनकी मदद से राज्य को विकसित बनाने में मदद मिलेगी।