Bihar news : बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद सोमवार को आरजेडी की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें तेजस्वी यादव को बिहार विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया है। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव,पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी,सांसद मीसा भारती भी शामिल हुई हैं। उनके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, बाहुबली सूरजभान सिंह, भाई वीरेंद्र समेत कई विधायक और नेता शामिल हुए।
आपको बता दें महज 2 सीट से तेजस्वी की नेता विपक्ष की कुर्सी बच गई। 243 सीटों की विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा पाने के लिए पार्टी के 10 फीसदी विधायक होना चाहिए, यानी 24 सीटें। अगर आरजेडी को 23 सीटें मिलती तो राजद को मुख्य विपक्षी दल और तेजस्वी को नेता विपक्ष का दर्जा भी नहीं मिलता। महागठबंंधन की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी 25 सीटें जीती है।
बैठक में शामिल राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगदानंद प्रसाद सिंह ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी प्रसाद का चयन किया गया। पार्टी सड़क से लेकर सदन तक गरीबों की आवाज उठाती रहेगी। कुछ विधायकों और हारे हुए उम्मीदवारों ने ईवीएम को हैक करने की बात कही। सभी ने कहा कि महागठबंधन ही हर तरफ दिख रहा था। एनडीए कहीं जमीन पर नहीं दिख रहा था।
इस बैठक में चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा की गई। जिसमें जीते और हारे हुए विधायक शामिल हुए हैं। जिन्होंने अपनी-अपनी राय रखी। चुनाव में महागठबंधन की प्रदर्शन निराशाजनक रहा। कुल 35 सीटें महागठबंधन को मिलीं। जिसमें राजद-25. कांग्रेस-6, सीपीआई (माले-2), आईआईपी-1 और सीपीआई(एम) को एक सीट मिली। महागठबंधन की सहयोगी और डिप्टी सीएम फेस मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी का खाता तक नहीं खुला।