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पखांजूर।  कांकेर जिले से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। नक्सल उन्मूलन अभियान अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां अब सिर्फ 4 दिन के भीतर जिले को पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बीच 19 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की तैयारी ने सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता की दहलीज पर ला खड़ा किया है।

पखांजुर क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगने वाला है। मिली जानकारी के मुताबिक, एसीएम (ACM) रूपी रेड्डी और डीवीसीएम (DVCM) चंदर कतलाम समेत कुल 19 नक्सली आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। ये सभी नक्सली कंपनी नंबर 5 और परतापुर एरिया कमिटी से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।

उइकाटोला जंगलों से निकले 5 हथियारबंद नक्सली, कांकेर में करेंगे आत्मसमर्पण :वहीं नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के घने जंगलों और सीमावर्ती ग्रामों में फैला 40 वर्षों का लाल आतंक आखिरकार समाप्त हो गया है। उइकाटोला जंगलों से आरकेबी डिवीजन कमेटी के पाँच सशस्त्र नक्सली हथियारों सहित आत्मसमर्पण के लिए कांकेर एसपी कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस महत्वपूर्ण कदम को क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

मोहला-मानपुर और आसपास के क्षेत्रों ने बीते चार दशकों में नक्सलवाद की भयावहता को झेला है। यह नवगठित आदिवासी अनुसूचित जनजातीय जिला सैकड़ों विस्फोट, अपहरण, जनप्रतिनिधियों की हत्या, ग्रामीणों पर ‘तलिबानी सजा’, युवा वर्ग की निर्मम हत्याओं जैसी घटनाओं का दर्द सहता रहा है।

लाल आतंक का अंत 

1985 के आसपास आंध्र प्रदेश से होते हुए नक्सली बस्तर क्षेत्र के रास्ते मानपुर के दक्षिणी हिस्से में पहुंचे। औधी थाना क्षेत्र में उनकी पहली सक्रियता दिखी और फिर धीरे-धीरे पूरे इलाके में भय का साम्राज्य फैलता गया। जंगलों और पगडंडियों का सर्वे कर नक्सलियों ने सीमावर्ती घाटियों, औधी से बकरकट्टा तक अपना मजबूत आधार क्षेत्र बना लिया, जो वर्षों तक आतंक का पर्याय बना रहा।
1भारी हथियारों के साथ कर रहे आत्मसमर्पण :समर्पण के लिए पहुंचे नक्सलियों के पास से एक SLR और दो 303 रायफलें सहित अन्य सामग्री बरामद हुई है। समर्पण करने वाले नक्सलियों में शामिल हैं-    ACM मंगेश-    ACM गणेश उइका-    ACM राजे-    ACM हिड़मे उर्फ जमाली-    ACM मंगति
इन सभी पर विभिन्न नक्सल गतिविधियों में शामिल होने के चलते इनाम घोषित था।

मोहला-मानपुर-औंधी संयुक्त एरिया कमेटी हुई नक्सल मुक्त :इन पांच नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ ही मोहला-मानपुर-औंधी संयुक्त एरिया कमेटी का पूरी तरह सफाया हो गया है। यह क्षेत्र अब नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।