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Bhopal News : महिला कांग्रेस ने मंगलवार को भोपाल में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेठिया के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर बैठकर थाली बजाई और रोटियां बेलीं।

कार्यकर्ताओं ने खाली कड़ाही, चकला, बेलन और गैस सिलेंडर लेकर यह संदेश दिया कि महंगाई के कारण महिलाएं परेशान हैं। हालत यह है कि रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। दालें, अनाज, तेल सहित अन्य खाद्य सामग्री महंगी हो गई है। गरीब लोग गैस सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं।

महिला कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन को रसोई सांसद नाम दिया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने कहा कल यानी 18 फरवरी को आने वाले बजट में यदि महंगाई से राहत नहीं मिली, तो हम 19 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव करेंगे।

रीना बोरासी ने कहा कि मध्य प्रदेश में मंत्रालय के सामने उज्ज्वला योजना की ऐसी स्थिति है कि आदिवासियों के छोटे-छोटे बच्चों को खाना पकाने के लिए जंगल से लड़कियां सिर पर ढोकर लानी पड़ रही हैं, तब उनके घर का चूल्हा जलता है। मध्य प्रदेश में 16 लाख हितग्राही ऐसे हैं, जो योजना में अपना एक सिलेंडर भी नहीं भरवा पाए।

400 रुपए में दें गैस सिलेंडर

महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता रूपाली शर्मा ने कहा हम महिलाएं महंगाई के कारण इतने परेशान हैं कि घर का चूल्हा नहीं जला पा रहे। हमारी सरकार से एक ही मांग है कि आप गैस का सिलेंडर 400 का कर दो। पहले यही बीजेपी वाले कांग्रेस को खूब कोसते थे, लेकिन कांग्रेस के जमाने में ₹400 में सिलेंडर मिलता था। आप तो वही 400 का सिलेंडर कर दो।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा…

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत हो गई, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए तथा दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेश के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में जनता को दूषित व मलयुक्त पानी मिलना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है।