Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana पटना। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सोमवार को छठवीं बार 25 लाख महिलाओं के खातों में कुल 2500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि अंतरित की गई। यह राशि प्रति महिला 10 हजार रुपए के लिहाज से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की गई। इससे पहले राज्य में 26 सितंबर 2025 से 28 नवंबर 2025 के बीच कुल एक करोड़ 56 लाख लाभुकों के खातों में 15 हजार 600 करोड़ रुपए की राशि हस्तानांतरित की जा चुकी है।
सोमवार को लाभुकों के खातों में 2500 करोड़ रुपए जारी होने के बाद सरकार की ओर से अभी तक एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को रोजगार के लिए दी जाने वाली राशि 18 हजार 100 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। सरकार का मानना है कि सात निश्यच-3 योजना में दोगुना रोजगार-दोगुनी आय के तहत महिलाओं को खुद के पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए यह राशि दी जा रही है।
जिन महिलाओं ने रोजगार शुरू कर लिया हैं, उन्हें तय मानदंडों को पूरा करने की स्थिति में कारोबार विस्तार के लिए दो लाख रुपए की अतरिक्त सहयोग राशि दी जाएगी। साथ ही इन महिलाओं को अपने रोजगार के लिए खुद के स्तर पर 35 हजार रुपए प्रति महिला के हिसाब से अंशदान करना होगा। इस तरीके से कुल दो लाख 45 हजार रुपए में महिलाओं का खुद का कारोबार सफलता की बुलंदियों तक पहुंच सकेगा।
वर्ष 2005 में रखी गई थी महिला सशक्तिकरण की नींव
वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद महिला सशक्तिकरण पर कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इसमें मुख्य रूप से वर्ष 2006 में विश्व बैंक से ऋण लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह के रूप में जीविका का गठन किया गया। अभी तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 11 लाख 74 हजार से भी अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों से राज्य भर में एक करोड़ 67 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
राज्य सरकार ने इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ही मंशा से पहली बार 26 सितंबर 2025 को 75 लाख महिलाओं के खातों में 7500 करोड़ रुपए अंतरित किए। यह राशि लाभुकों को प्रति लाभुक 10 हजार रुपए के हिसाब से दी गई। इसके बाद अलग-अलग पांच तिथियों पर सरकार ने प्रति लाभुक 10 हजार रुपए के हिसाब से 15 हजार 600 करोड़ रुपए अंतरित किए, जो महिला उद्यम के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
महिला उत्थान और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में चलाए जा रहे योजना की सफलता को देखते हुए सोमवार को सरकार ने एक बार फिर से छठवीं बार महिला रोजगार के लिए एक भारी-भरकम राशि अंतरित की गई।