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CG News, रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भूपेश सरकार में नक्सलवाद को प्रश्रय दिए के आरोपों पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा, वे दबाव में इस तरह के बयान दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने समय-समय पर हमारी सरकार के काम की सराहना की थी। केंद्र सरकार के मंत्री ने संसद में खुद कहा था कि नक्सली घटनाओं में कमी आई है। उनको यहां बयान देने के बजाय लोकसभा में मौजूद होना चाहिए।

संवाददाताओं से चर्चा में केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा बस्तर के लिए जारी किए गए रोड मैप को लेकर उन्होंने कहा, हमारी सरकार में अमित शाह जब दो बार आए थे, तब एक दौरे में मैं उनके साथ था। दूसरे दौरे में नहीं था, तब वे सुकमा के एक कैंप में रुके थे। तब स्कूल के बारे में पूछा था तब उन्हें पता चला कि स्कूल सामने ही है और पढ़ाई भी होती है। हमने करोना काल में भी राशन लोगों तक पहुंचाया था। लोगों को वनाधिकार पट्टा भी दिया, आंगनबाड़ी भी खोला, ये सब हम पहले ही कर चुके हैं और ये अभी भी रोड मैप ही बना रहे हैं। नक्सलियों से केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने की बंदूक छोड़ने की अपील मामले पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, अमित शाह कई बार इस तरीके से दावे कर चुके हैं। नक्सलवाद समाप्त तब माना जाएगा जब वहां से पैरामिलिट्री फोर्स वापस हो जाएगी। जनप्रतिनिधि जब जेड प्लस सिक्योरिटी के बिना घूमेंगे।

सहकारिता को खत्म करना चाहती है

उन्होंने कहा कि अमित शाह सहकारिता मंत्री भी हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में सरकार सहकारिता को खत्म करना चाहती है। किसानों से धान खरीदी नहीं की गई। लाखों किसान अपना धान बेचने से वंचित रह गए।