रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर फिर से मुकदमा चलाया जाएगा। इसके खिलाफ वे अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. इसके पहले मार्च 2025 में सीबीआई की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सीबीआई ने सेशन कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल किया था।
वहीं अब भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इस मामले को लेकर निशाना साधा है।
सीडी कांड में फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाएंगे भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेशन कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से चर्चा में कहा, यह मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रहा है। उन्हें पहले ही इस केस से डिस्चार्ज किया जा चुका था, लेकिन अब सीबीआई की अपील पर सेशन कोर्ट में अपील की थी। न्यायालय ने फैसला दिया, अब उस फैसले के विरोध में हम लोग हाईकोर्ट जाएंगे।
अजय चंद्राकर बोले- देर हो गई
वहीं भूपेश बघेल के हाई कोर्ट जाने के सवाल पर विधायक अजय चंद्राकर ने निशाना साधते हुए कहा, मामले में राजनीति नहीं किया जाना चाहिए था वहां तक गई। वहीं अब कोर्ट ने आदेश दे दिया है, देर हो गयी है।
क्या है सेक्स सीडी कांड?
अक्टूबर 2017 में सेक्स सीडी सामने आई । पूर्व मंत्री राजेश मूणत की बताई जा रही थी सीडी, रायपुर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज हुआ
उसी रात दिल्ली में मौजूद पुलिस टीम छापा मारने पहुंची। इस दौरान एक कॉपी सेंटर एवं साइबर कैफे से अश्लील क्लिपिंग की सीडी जब्त की गई। 28 अक्टूबर को विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर रायपुर कोर्ट में पेश किया। जांच सीबीआई को दिया गया। 28 दिसंबर को विनोद वर्मा को जमानत मिल गई। 6 जून को सीबीआई की पूछताछ के बाद आरोपी रिंकू खनूजा ने खुदकुशी कर ली। 25 सितंबर 2018 में भूपेश बघेल की गिरफ्तारी हुई। भूपेश बघेल पर साजिश रचने का आरोप लगा। भूपेश बघेल ने जमानत लेने से इनकार किया था। वहीं मामले के 7 साल बाद 4 मार्च 2025 को भूपेश बघेल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था।