नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (छ्वहृ) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी का मामला सामने आया है। यह नारेबाजी दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम के समर्थन में की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रात के समय साबरमती हॉस्टल के बाहर हुई। इस दौरान वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों ने प्रदर्शन किया और ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’, ‘अंबानी राज की कब्र खुदेगी, छ्वहृ की धरती पर’ और ‘अडानी की कब्र खुदेगी, छ्वहृ की धरती पर’ जैसे नारे लगाए, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।
बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज किए जाने के विरोध में किया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी नारेबाजी की। गौरतलब है कि शरजील इमाम पर देशद्रोह का मामला दर्ज है। उस पर कथित तौर पर ‘चिकन नेक’ काटकर पूर्वोत्तर भारत को देश से अलग करने की बात कहने का आरोप है। वहीं, उमर खालिद पर वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश में शामिल होने का मामला चल रहा है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि उमर खालिद और शरजील इमाम दिल्ली दंगों की साजिश रचने, लोगों को लामबंद करने और रणनीतिक दिशा-निर्देश देने में शामिल थे। इसके बाद अदालत ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
छ्वहृ में हुई नारेबाजी पर क्चछ्वक्क नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ङ्ग’ पर कहा कि जब नक्सलियों, आतंकियों और दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो उनके समर्थक बौखलाए हुए हैं। वहीं, क्चछ्वक्क नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि पहले देशविरोधी गतिविधियां की जाती हैं और फिर उनके समर्थन में इस तरह के नारे लगाए जाते हैं। ऐसे लोगों और नारेबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि छ्वहृ इससे पहले भी कई बार विवादों में रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में पूर्व में भी आपत्तिजनक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शनों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। साबरमती हॉस्टल के बाहर हुई यह घटना एक बार फिर छ्वहृ को सुर्खियों में ले आई है।