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Bihar News: पटना: राज्य में गुड़ उत्पादन इकाइयों को स्थापित करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग में ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि को विस्तारित कर दिया है। कोई भी इच्छुक इकाइयां 25 दिसंबर तक ऑन लाइन आवेदन कर सकती हैं। पहले 25 नवंबर तक आवेदन करने की तिथि निर्धारित थी।

विदित हो कि राज्य में गन्ना की खेती करने के साथ ही चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही है। जिसमें गन्ना की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार राज्य सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू की है। जिसमें गुड़ उत्पादन इकाईयों को स्थापित करने लिए गन्ना किसानों और निवेशकों को छह लाख से लेकर एक करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने सप्तम चरण में 25 नवंबर तक ही ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि निर्धारित किया था। इसके बाद इस तिथि को 25 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है।

गन्ना पेराई की क्षमता पर मिलेगा अनुदान

विभाग के अनुसार विभिन्न पेराई क्षमता वाली गुड़ उत्पादन इकाईयों को पूंजी की लागत का 50 फीसदी तक अनुदान देने का प्रावधान है। जिसमें 5 से 20 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता वाले इकाईयों को अधिकतम 6 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाईयों को अधिकतम 15 लाख रुपये, 41 से 60 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाले इकाईयों को अधिकतम 45 लाख रुपये और 60 टन से अधिक प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाईयों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये अनुदान दिया जाएगा। इच्छुक किसान एवं निवेशक ccs.bihar.gov.inhttp://ccs.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना से गन्ना किसानों का होगा आर्थिक विकास

जानकारी के अनुसार, यह आवेदन सप्तम चरण के तहत लिए जा रहे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 25 नवंबर 2025 निर्धारित है। अधिक जानकारी के लिए आवेदक अपने जिले के संबंधित ईख अधिकारी या सहायक निदेशक से संपर्क कर सकते हैं। यह योजना ना केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण उद्योग को भी नई मजबूती देगी। राज्य सरकार का यह कदम गन्ना आधारित ग्रामीण उद्योगों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।