Spread the love

रायपुर: छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री, स्वर्गीय अजीत जोगी की प्रतिमा को उखाड़कर कचरे में फेंकने की घृणित एवं निंदनीय घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ की जनता, विशेषकर युवाओं के मन में गहरा आक्रोश पैदा किया है। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष  गौरव सिंह ने कहा है कि यह घटना न केवल राज्य के “सुशासन” के दावों की पोल खोलती है, बल्कि यह साबित करती है कि शासन-प्रशासन जनभावनाओं के प्रति संवेदन शून्य हो चुका है।

आज, अजीत जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष  गौरव सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने राजधानी रायपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। युवाओं ने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ प्रशासन का पुतला दहन किया और नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

गौरव सिंह ने कहा अजीत जोगी जी ने छत्तीसगढ़ को एक पहचान दी, उनकी विरासत को कचरे में फेंकना सिर्फ एक प्रतिमा का अपमान नहीं, बल्कि पूरे राज्य की अस्मिता पर हमला है। यदि 24 घंटे के भीतर प्रतिमा की पुनर्स्थापना नहीं हुई और दोषियों को सजा नहीं मिली, तो हमारा आंदोलन और तेज होगा।”

अजीत जोगी युवा मोर्चा की मांगें:

1. तत्काल पुनर्स्थापना- ज्योतिपुर चौक पर स्व. अजीत जोगी जी की प्रतिमा को 24 घंटे के भीतर पुनः स्थापित किया जाए।

2. कठोर कार्रवाई – इस घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें सजा दिलाई जाए।

3. जांच एवं पारदर्शिता – यह स्पष्ट किया जाए कि किसने इस कृत्य को अंजाम दिया और क्या नगर पालिका या प्रशासन की मिलीभगत थी ?

अजीत जोगी युवा मोर्चा का स्पष्ट मत है कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।