रायपुर : लोक निर्माण विभाग में ई-टेंडरिंग की व्यवस्था अब नए सरकारी पोर्टल ळमच्छप्ब् पर शिफ्ट होने जा रही है। 1 अक्टूबर 2026 से विभाग की सभी नई निविदाओं का सृजन और प्रकाशन Government e-Procurement-NIC GePNIC के माध्यम से होगा। निविदा जारी करने से लेकर उसके मूल्यांकन और आगे की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया इसी पोर्टल पर पूरी की जाएगी। विभाग ने नई व्यवस्था शुरू होने से पहले सभी ठेकेदारों और विभागीय अमले को जरूरी तकनीकी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
नई निविदाओं में भाग लेने वाले ठेकेदारों के लिए GePNIC पर नामांकन (Enrollment) कराना जरूरी होगा। विभाग ने ठेकेदारों को समय रहते पोर्टल पर नामांकन कराने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू किया है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी ने सभी विभागीय अधिकारियों के साथ ही ठेकेदार संघ के अध्यक्ष श्री वीरेश शुक्ला और श्री रूपेश सिंघल को पत्र भेजकर ठेकेदारों तक नई व्यवस्था की जानकारी पहुंचाने और उन्हें नामांकन के लिए प्रेरित करने को कहा है।
नई व्यवस्था में सिर्फ टेंडर प्रकाशित करना ही नहीं, बल्कि निविदा की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ळमच्छप्ब् पर होगी। इसमें निविदा का सृजन, प्रकाशन, बिड प्राप्ति, तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन सहित संबंधित कार्यवाहियां शामिल हैं। विभाग ने अंतिम समय में तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए ठेकेदारों को पोर्टल पर नामांकन की प्रक्रिया पहले ही पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
पुराने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर 30 सितम्बर 2026 तक प्रकाशित निविदाओं की बिड प्राप्ति, मूल्यांकन, स्वीकृति और अन्य लंबित ऑनलाइन कार्यवाही 31 मार्च 2027 तक पुराने पोर्टल पर पूरी की जाएंगी। इसके बाद वर्तमान ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर किसी तरह की निविदा संबंधी कार्यवाही नहीं होगी।
विभागीय स्तर पर भी नई व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी निविदा आमंत्रण अधिकारियों, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन समिति के सदस्यों तथा संबंधित कर्मचारियों को यूजर आईडी बनवाने, रोल मैपिंग और डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट ¼DSC½ की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था 1 अक्टूबर से ही बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन के सुचारू व प्रभावी तरीके से काम करना शुरू कर दें, इस पर विभाग का विशेष जोर है।
पीडब्ल्यूडी में टेंडर प्रक्रिया के इस बदलाव के साथ ठेकेदारों को पुराने पोर्टल के बजाय GePNIC को नए निविदा प्लेटफॉर्म के रूप में अपनाना होगा। विभाग ने अधिकारियों और ठेकेदारों से नई व्यवस्था की तैयारी निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने को कहा है, ताकि 1 अक्टूबर से सभी नई निविदाएं निर्बाध रूप से नए पोर्टल पर संचालित की जा सकें।