रायपुर : केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में आज जशपुर नगर में माटी के वीर पदयात्रा आयोजित हुई। जशपुर के बालाछापर से शुरू हुई यह पदयात्रा लगभग सात किलोमीटर तक की थी, जो कि विभिन्न चौक, चौराहों एवं मार्गाें से होते हुए रणजीता स्टेडियम पहुंची। इसका उद्देश्य धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर जनजातीय समुदायों की विरासत और देश के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देश-दुनिया को बताना और सम्मानित करना है। पदयात्रा में शामिल लोगों के स्वागत-सम्मान में जगह-जगह सुन्दर रंगोलियां और कलाकृतियां बनाई गई थी। गम्हरिया चौक पर जनजातीय समुदायों के प्राची अस्त्र-शस्त्र एवं वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।
6 लाख युवाओं ने दिया बलिदान दिया….
सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया ने देश की आजादी और कोरोना काल में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से हमें प्रेरणा लेना चाहिए, जिन्होंने 25 वर्ष की आयु में मातृ भूमि को आजाद कराने के लिए लड़ाई लड़ी और अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में 6 लाख युवाओं ने अपना बलिदान दिया। उन्हांेने युवाओं से विकसित भारत के सपने को पूरा करने का संकल्प लेने तथा सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने के लिए आगे आने का आव्हान किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का किया आभार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माटी के वीर पदयात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ और जशपुर के लिए सौभाग्य की बात है कि भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। उन्होंने इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब-जब संस्कृति पर हमला हुआ है, जनजातीय समाज ने इसका तीव्र प्रतिकार किया है। जनजातीय संस्कृति प्रकृति से प्रेम करने की संस्कृति है। यह संस्कृति सौहार्द्र, शांति और सद्भाव की संस्कृति है। कलाओं से प्रेम करने वाली यह संस्कृति हमारी जनजातीय सनातन संस्कृति का उद्गम है।
घोषणा की….
डॉ. मंडाविया ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आग्रह पर जशपुर नगर में सर्वसुविधायुक्त स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।
10 हजार से अधिक वॉलेंटियर शामिल हुए
जशपुर नगर के बालाछापर से निकली पदयात्रा विभिन्न मार्गाें और चौक चाराहों से होते हुए शहर के हृदय स्थल रणजीता स्टेडियम पहुंची। पूरे जशपुर नगर में इस पदयात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। पदयात्रा का विभिन्न समाज और संगठनों के लोगों ने भी जगह-जगह पदयात्रियों का स्वागत-सम्मान किया। पदयात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित माई भारत से जुड़े 10 हजार से अधिक वॉलेंटियर शामिल हुए।

इस पदयात्रा में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री राधेश्याम राठिया एवं श्री चिंतामणी महराज, विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री सुशांत शुक्ला, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियम्बदा सिंह जूदेव सहित श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, श्री रणविजय सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में युवा और नागरिकगण शामिल हुए।