रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव की घोषणा कर दी है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह ने आज विधानसभा उप निर्वाचन 2024 के संबंध में कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों से बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा उप निर्वाचन 2024 की घोषणा करने के तत्काल बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता के पालन में रायपुर दक्षिण विधानसभा परिक्षेत्र में ही लागू होगी। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर अन्य स्थानों पर किया जाएगा लोकार्पण- भूमिपूजन के कार्य।
कलेक्टर डॉ सिंह ने बताया कि उप-निर्वाचन की अधिसूचना 18 अक्टूबर को जारी की जाएगी। निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्याशी 25 अक्टूबर तक अपना नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर या सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष जमा करा सकेंगे। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उप-निर्वाचन के लिए 13 नवंबर को मतदान होगा। 23 नवंबर को मतों की गणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि रायपुर दक्षिण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 266 मतदान केन्द्र बनाए गए है, जिसमें 253 मूल मतदान तथा 13 सहायक मतदान केन्द्र शामिल हैं। इसी तरह दक्षिण विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 70 हजार 936 हैं। इनमें 1 लाख 33 हजार 713 पुरूष, 1 लाख 37 हजार 171 महिला एवं 52 थर्ड जंेडर मतदाता शामिल हैं। साथ ही दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कुल 1188 दिव्यांग मतदाता, एवं नए मतदाता 5014, इसी तरह 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता 1 हजार 711 तथा 57 सर्विस वोटर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। गौरतलब है कि विगत विधानसभा निर्वाचन-2023 से आज दिनांक तक विधानसभा 51 रायपुर दक्षिण में 4.23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कुल 10 हजार 988 मतदाता जुडे हैैं। इसी प्रकार लोकसभा निर्वाचन 2024 से आज दिनांक तक 1.14 प्रतिशत वृद्धि के साथ 03 हजार 47 मतदाता जुडे हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ गौरव सिंह ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि नाम निर्देशन फॉर्म वितरण कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक 1 से एवं नाम निर्देशन कक्ष क्रमांक 9 से किया जाएगा।
आदर्श आचरण संहिता के प्रति प्रतिबद्धता आवश्यक
कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि नामांकन के समया किसी प्रत्याशी एवं उसके समर्थकों के तीन से अधिक वाहन आरओ या एआरओ कार्यालय के 100 मीटर के दायरे के भीतर नही आएंगे। मतदान के दिन प्रत्याशियों को केवल तीन वाहनों की संचालन की अनुमति होगी.एक स्वयं के लिए एक निर्वाचन अभिकर्ता के लिए और एक कार्यकर्ताओं के लिए। इन वाहनों के लिए अनुमति पत्र सक्षम प्राधिकारी जारी करेंगे और यह अनुमति पत्र वाहनों के सामने शीशे पर प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल एवं अभ्यर्थी को जातीय, धार्मिक विषयों से बचकर अपना प्रचार-प्रसार करना चाहिए। वोट के लिए अपील करते समय धार्मिक स्थल या संस्थान का उपयोग नही किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि कोई दल या प्रत्याशी स्वयं किसी की निजी संपत्ति पर, भवन, भूमि अथवा परिसर पर झंडे,पोस्टर बैनर आदि उसकी पूर्वानुमति के बिना नही लगाएगा और न ही अपने समर्थको को ऐसा करने दें। अस्थायी प्रचार कार्यालयों की अनुमति किसी भी अतिक्रमित भूमि या भवन पर नहीं दी जायेगी। साथ ही शैक्षणिक संस्थान या अस्पताल से लगे हुए भवनों में भी अस्थायी प्रचार कार्यालय की अनुमति नहीं दी जाएंगी। किसी भी मतदान केंद्र के 200 मीटर की परिधि में ये किसी भी कार्यालय के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। ये कार्यालय किसी धार्मिक भवनों में नहीं संचालित किए जा सकेंगे । इसकी अनुमति सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि निर्वाचन के दौरान सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर ही जुलूस, रैली एवं सभा का आयोजन किया जाए। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार सभा आदि के आयोजन में की जाने वाली टेंट, कुर्सी, माईक, पण्डाल तथा अन्य सामग्रियों की संख्या आदि की जानकारी अनिवार्य रूप से निर्वाचन कार्यालय को दी जानी चाहिए। रैली में पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही इस दौरान किसी प्रकार के भड़काउ स्लोगन या भाषा का उपयोग किया जाना चाहिए। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल जिले के अंतर्गत दक्षिण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में निर्वाचन संबंधी प्रयोजनों के लिए राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों या नेताओं के द्वारा वाहनों का उपयोग किया जाता है तो उपयोग किए जाने वाले वाहनों की पूर्वानुमति जिला निर्वाचन अधिकारी से लेनी होगी तथा ऐसे वाहनों पर होने वाले व्यय दल के निर्वाचन लडने वाले अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय में जोडा जाएगा। ऐसे वाहनों की जानकारी निगरानी दल को भी देनी होगी। इसके अलावा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत मंत्री या किसी अन्य राजनीतिक पदाधिकारी का विवेकाधीन कोष किसी भी व्यक्ति या संगठन को दान या किसी अन्य सदभावना अर्जन गतिविधियों के लिए नहीं दिया जाएगा।
चुनावी जुलूस ,रैली की सूचना पूर्व में स्थानीय पुलिस थाने में दे
एसएसपी संतोष सिंह ने कहा कि जुलूस आदि के दौरान यदि किसी व्यक्ति द्वारा बाधा पहुंचायी जाती है तो राजनीतिक दल स्वंय उस पर कार्यवाही न करें तथा कानून अपने हाथ में न ले, इसकी सूचना पुलिस को दें साथ ही जुलूस के दौरान उपस्थित पुलिस बल इस पर कार्यवाही करेगा। चुनावी सभा या जुलूस के आयोजन के पूर्व स्थानीय पुलिस को सूचित किया जाएगां। यदि कोई प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू हो तो उनका पालन किया जाए। यदि ऐसे सभा या जुलूस में ध्वनिविस्तारक आदि का उपयोग किया जाना हो तो उसकी अनुमति ली जाए। इस अवसर बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओे श्री विश्वदीप, एडीएम श्री कीर्तिमान राठौर, श्री देवेन्द्र पटेल, उप निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी गण व उपस्थित थे।